Sunday, March 22, 2026

क्या है शोरम में सर्वखाप पंचायत 11 फैसले, यहाँ पढ़ें…

शोरम, मुजफ्फरनगर –11 decisions of the Sarvakhap Panchayat in Muzaffarnagar: ‘लव मैरिज के लिए माता-पिता की इजाजत लो, वरना कोर्ट भी नहीं मानेगा!’—उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के शोरम गांव में आयोजित सर्वखाप पंचायत ने समाज को सुधारने के लिए 11 फैसले सुना दिए, जो दहेज, नशा, कन्या भ्रूण हत्या से लेकर लाइव-इन रिलेशनशिप तक पर ब्रेक लगा देंगे। तीन दिनों तक चली इस सातवीं सर्वखाप पंचायत में 36 बिरादरियों के खाप चौधरी और 15,000 से ज्यादा लोग जुटे, जहां तेरहवीं बंद करने से लेकर गाय संरक्षण तक के प्रस्ताव पास हुए। लेकिन सवाल ये: क्या ये फैसले कानून से ऊपर होंगे, या सिर्फ परंपरा का नाम? BKU नेता नरेश टिकैत ने कहा, “ये समाज सुधार के लिए हैं”—क्या युवा पीढ़ी मानेगी?

शोरम (शाहपुर नगर पंचायत क्षेत्र) के जाट बहुल गांव में मंगलवार दोपहर बिगुल बजते ही पंचायत शुरू हुई। तीन दिनों में सामाजिक कुरीतियों पर बहस हुई, और 11 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास। 11वां प्रस्ताव: हर 10 साल में ऐसी पंचायत हो, अगली 2035 में। एक समिति गठित की गई फैसलों को लागू करने के लिए।

11 फैसलें

  • तेरहवीं पर रोक: मृत्यु भोज बंद—परिवार को आर्थिक बोझ से मुक्ति।
  • दहेज प्रथा पर प्रतिबंध: दुल्हन पक्ष को दहेज न लेने की कसम।
  • नशा मुक्ति अभियान: युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए कैंप।
  • कन्या भ्रूण हत्या बंद: बेटी बचाओ का सख्ती से पालन।
  • लाइव-इन रिलेशनशिप का विरोध: सरकार से कानूनी मान्यता रद्द करने की मांग।
  • समलैंगिकता का विरोध: नैतिकता के नाम पर नकारात्मक रुख।
  • लव/कोर्ट मैरेज पर पाबंदी: माता-पिता की मौजूदगी और इजाजत जरूरी; सुप्रीम कोर्ट से अपील—परिवार टूटने रोकने के लिए।
  • बेटी शिक्षा को बढ़ावा: लड़कियों की पढ़ाई अनिवार्य।
  • पर्यावरण संरक्षण: जन्मदिन या श्राद्ध पर पेड़ लगाना जरूरी।
  • गौ संरक्षण: गायों की रक्षा का संकल्प।
  • युवा-महिलाओं की भागीदारी: खाप पंचायतों में इनकी भूमिका बढ़ेगी।

पंचायत का माहौल: 15,000 लोग जुटे

उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर से किसान, खाप चौधरी और आम नागरिक पहुंचे। स्टेज पर 36 बिरादरियों के प्रतिनिधि। BKU राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा, “दहेज, नशा, तेरहवीं, लव मैरिज समेत 11 प्रस्ताव पास—समिति लागू करेगी।” राकेश टिकैत बोले, “जन्मदिन पर पेड़ लगाएं—पर्यावरण बचाएं।” पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल, बुदाना विधायक राजपाल बालियान, मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक मौजूद।

खास मेहमान: शामली के भारसी गांव के विजय हिंदुस्तानी, जिनके पीठ पर 62 शहीदों (पुलवामा हमले सहित) के नाम गुदवाए हैं, छाती पर भगत सिंह। वे शहीदों के अंतिम संस्कार में जाते हैं।

सामाजिक बहस: फैसले कानूनी होंगे या सिर्फ परंपरा?—क्या युवा मानेंगे?

ये फैसले सामाजिक सुधार का दावा करते हैं, लेकिन लव मैरेज पर रोक को लेकर विवाद। विशेषज्ञ: “खाप फैसले कानून से ऊपर नहीं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में प्रभावी।” अगली पंचायत 2035 में।

क्या आप इन फैसलों से सहमत? कमेंट में बताएं! अपडेट्स के लिए बेखबर.इन पर बने रहें।

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