बागपत: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना (CM Vivah Yojana Fraud) के तहत 69 शादीशुदा महिलाओं ने खुद को कुंवारी कन्या बताकर आवेदन कर दिया। जांच में खुलासा हुआ कि सभी महिलाएं पहले से शादीशुदा थीं और योजना का लाभ पाने के लिए फर्जी आवेदन कर रही थीं। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दुल्हन को एक लाख रुपये (कैश और सामान के रूप में) दिए जाते हैं। इसी रकम के लालच में इन महिलाओं ने सरकारी सिस्टम को ठगने की कोशिश की।
593 आवेदनों में 69 फर्जी निकले
बागपत जिले में कुल 593 आवेदन सामूहिक विवाह योजना के लिए आए थे। जब विभागीय जांच हुई तो 6 ब्लॉकों की 69 महिलाएं शादीशुदा निकलीं। फिलहाल सभी फर्जी आवेदन रद्द कर दिए गए हैं और मामले की जांच जारी है। जिला अधिकारी अस्मिता लाल ने सभी आवेदकों का सत्यापन कराने का आदेश दिया था। समाज कल्याण विभाग, राजस्व विभाग और विकास भवन की टीम ने ग्राउंड लेवल जांच की। जब अधिकारी गांवों में पहुंचे, तो खुलासा हुआ कि कई महिलाएं शादीशुदा होने के बावजूद खुद को अविवाहित दिखा रही थीं।
सबसे ज्यादा फर्जी आवेदन बागपत शहर और बिनौली से
जांच में सामने आया कि सबसे ज्यादा फर्जी आवेदन बागपत शहर और बिनौली ब्लॉक से आए।
- बागपत शहर से 16 आवेदन
- बिनौली ब्लॉक से 12 आवेदन
- छपरौली ब्लॉक से 10 आवेदन
इन सभी आवेदनों को तत्काल निरस्त कर दिया गया है। आपको बता दें, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत यूपी सरकार की ओर से पहले ₹51,000 मिलते थे, जिसे अब बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दिया गया है। इसी रकम के लालच में कई महिलाओं ने अपने शादीशुदा होने की बात छुपाकर आवेदन किया।





