Friday, March 20, 2026

Success Story: मां के साथ चूड़ियां बेचता था बेटा, आज बना IAS अधिकारी –कहानी पढ़कर आंखों में आ जाएंगे गर्व के आँसू

UPSC Success Story: अगर आपके सपने बड़े हैं और हिम्मत मजबूत, तो मुश्किलें भी रास्ता नहीं रोक पातीं। यह कहानी है महाराष्ट्र के छोटे से गांव के रमेश घोलप की, जिसने गरीबी, बीमारी और संघर्षों को पार कर IAS बनने का सपना साकार किया।

रमेश के बचपन में ही उनके बाएं पैर में पोलियो हो गया। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। पिता की साइकिल की छोटी दुकान थी, लेकिन उनकी शराब की लत ने परिवार को बर्बाद कर दिया। मुश्किल हालात में उनकी मां को सड़क पर चूड़ियां बेचनी पड़ीं, और रमेश अपने पोलियोग्रस्त पैर के साथ उनका हाथ बंटाते। (Success Story)

पिता की मौत और दो रुपये का सफर (Success Story)

रमेश ने 12वीं तक गांव में पढ़ाई की। इसी दौरान उनके पिता का निधन हो गया। घर लौटने के लिए उनके पास बस के किराए के लिए भी सिर्फ 2 रुपये थे। उस वक्त उनके अंदर टूटन थी, लेकिन वही दर्द उनके भीतर कुछ कर दिखाने की आग जला गया।

मां बनी सबसे बड़ी प्रेरणा

घर की सारी जिम्मेदारी उनकी मां पर थी। वह सुबह से शाम तक चूड़ियां बेचतीं और रमेश पढ़ाई में जुटे रहते। मां हमेशा कहतीं, “पढ़ाई मत छोड़ना, यही तेरा हथियार है।” 12वीं के बाद रमेश ने टीचर बनने का डिप्लोमा किया और गांव के बच्चों को पढ़ाने लगे। इससे घर का खर्च चला और उन्होंने बीए की डिग्री भी पूरी की। (Success Story)

उधार लेकर शुरू हुई तैयारी

रमेश का सपना IAS बनने का था। उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी मेहनत से UPSC की तैयारी शुरू की। पहली बार 2010 में परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर उनकी मां ने गांव के लोगों से उधार लेकर रमेश को पुणे भेजा। बिना कोचिंग के उन्होंने 12–14 घंटे रोज पढ़ाई की, क्योंकि उन्हें पता था कि गरीबी को हराने का एक ही रास्ता है—मेहनत। (Success Story)

सपना हकीकत बना

कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद, 2012 में रमेश ने UPSC परीक्षा पास कर 287वीं रैंक हासिल की और विकलांग कोटे से IAS ऑफिसर बने। (Success Story)

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