मुजफ्फरनगर: भोपा थाना क्षेत्र के कस्बा भोकरहेड़ी में शुक्रवार को पारिवारिक विवाद ने भयावह रूप ले लिया। 65 वर्षीय ब्रजवीर सिंह ने अपने इकलौते बेटे रोबिन उर्फ जोनी (44) की लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के दौरान बीच-बचाव करने आई पुत्रवधू रविता भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई हैं और उनका उपचार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने तत्काल घटना स्थल का मुआयना किया और आरोपी पिता को हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी 12 बोर की बंदूक के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है।

गोली लगने से बेटे रोबिन की मौत, बहू गंभीर रूप से घायल
शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे, मोहल्ला सुभाष चौक के निवासी ब्रजवीर सिंह और उनके पुत्र रोबिन उर्फ जोनी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में ब्रजवीर सिंह ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से रोबिन और उसकी पत्नी रविता पर गोली चला दी। गोली रोबिन के पेट में लगी, जबकि रविता के बाएं हाथ की हथेली और उंगलियों पर लगी। दोनों को आनन-फानन में मुजफ्फरनगर के ईवान हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान रोबिन की मौत हो गई। रविता का उपचार जारी है, जिन्होंने बहादुरी दिखाते हुए अपने पति को बचाने का प्रयास किया था और बंदूक के आगे अपना हाथ कर दिया था।
बेटे ने दादा के खिलाफ दर्ज कराई हत्या की FIR
रोबिन के निधन के बाद उनके पीछे उनकी पत्नी रविता, 17 वर्षीय पुत्र आकर्ष सहरावत (इंटरमीडिएट उत्तीर्ण), 9 वर्षीय पुत्री अक्षी और शादीशुदा बहन सपना रह गई हैं। मृतक के पुत्र आकर्ष सहरावत ने अपने दादा ब्रजवीर सिंह के खिलाफ पिता की हत्या का मामला दर्ज कराया है और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। सूचना पर सीओ भोपा देवव्रत वाजपेयी, थाना प्रभारी और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का विस्तार से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

हत्या की वजह: अपमान और तनाव
पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटना का कारण पारिवारिक कलह बताया गया है, लेकिन कस्बे में चल रही चर्चाओं और आरोपी ब्रजवीर के बयानों से हत्या की असली वजह स्पष्ट हो रही है प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोली चलाने के बाद ब्रजवीर सिंह हाथ में बंदूक और कंधे पर कारतूस की पेटी लटकाए हुए चिल्ला रहा था, “मैंने उस बेटे को मार दिया, जो मुझे जूते मारकर अपमानित करता था।” जानकारी के मुताबिक, लगभग 22 बीघा भूमि को लेकर पिता-पुत्र के बीच तनाव लंबे समय से चरम पर था। रोबिन की मौत के बाद कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई है। पुत्र की हत्या करने के बाद थाने में रोते ब्रजवीर सिंह के प्रति समाज में भारी रोष है।





