Sunday, March 22, 2026

“मैं कानपुर देहात का हिस्ट्रीशीटर…” — दिशा बैठक में सांसद और पूर्व सांसद में तीखी झड़प, मारपीट की नौबत

कानपुर देहात: जनता के मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक मंगलवार को भाजपा की अंदरूनी कलह का अखाड़ा बन गई। बैठक की शुरुआत तो विकास कार्यों की समीक्षा से हुई, लेकिन कुछ ही मिनटों में माहौल गरम हो गया। सांसद देवेन्द्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी के बीच तीखी नोकझोंक गाली-गलौज तक पहुंच गई। इसी दौरान सांसद भोले का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वह कहते नजर आ रहे हैं — “मुझसे बड़ा कोई बदमाश नहीं है, मैं कानपुर देहात का हिस्ट्रीशीटर हूं।”


बैठक में विवाद कैसे भड़का

बताया जाता है कि बैठक के दौरान जब विकास कार्यों पर चर्चा चल रही थी, तभी पूर्व सांसद वारसी ने सांसद पर आरोप लगाया कि वह “बैठक में गुंडों को बैठाते हैं।” जवाब में भोले ने पलटवार करते हुए कहा, “आपको उपचार की जरूरत है।” इस पर दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और स्थिति हाथापाई तक पहुंचने की नौबत में आ गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह मामला शांत कराया और बैठक बीच में ही रद्द करनी पड़ी।

शाम को पूर्व सांसद वारसी ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि सांसद व उनके तीन समर्थकों ने गाली-गलौज की और मारने के लिए दौड़े। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें या उनके परिवार को कोई नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी सांसद पक्ष की होगी। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि फोन पर शिकायत मिली है, लेकिन अभी कोई औपचारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।


किन मुद्दों पर भड़के वारसी

माती स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान फैक्ट्रियों की जांच, खनन कार्य और दिशा समिति में सदस्यों के चयन जैसे मुद्दों पर तीखी बहस हुई। इसी दौरान वारसी नाराज हो उठे और सांसद समर्थकों के साथ तीखे शब्दों का आदान-प्रदान हुआ।


पहले भी टकरा चुके हैं दोनों नेता

यह कोई पहली बार नहीं है जब भोले और वारसी आमने-सामने आए हों।

  • 24 जुलाई को अकबरपुर थाने में सड़क निर्माण को लेकर हुए विवाद में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला और पूर्व सांसद वारसी ने थाने में धरना दिया था, जिसके बाद सांसद व पूर्व सांसद गुटों में जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए थे।
  • 16 सितंबर 2021 को रूरा के गहोलिया गांव में बिल्डिंग मटेरियल कारोबारी विमल तिवारी की मौत के बाद भी दोनों नेता अलग-अलग पक्षों के समर्थन में खुलकर उतर आए थे।

सपा का तंज: “टकरा रहे हैं सरकार के दोनों इंजन”

भाजपा के सांसद और पूर्व सांसद के बीच हुई इस बहस पर समाजवादी पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि यह भाजपा के “चाल, चरित्र और चेहरे” का असली रूप है।
सपा मीडिया सेल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया — भाजपा के दो इंजन आपस में टकरा रहे हैं। यही असली भाजपाई संस्कार हैं — गाली-गलौज, लात-घूंसे और जूतम-पैजार। वहीं सपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार ‘बबलू राजा’ ने कहा कि “एक केंद्र का इंजन और दूसरा प्रदेश का इंजन आपस में भिड़ गया है।”

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