Dengue-2 Strain: मेरठ मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में खुलासा, पश्चिमी यूपी में Dengue-2 Strain सबसे खतरनाक मिला। जानिए डॉक्टरों के अनुसार इसके लक्षण और बचाव के उपाय।
लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज, मेरठ की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की रिपोर्ट ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, Dengue-2 Strain और Dengue-3 Strain वेस्ट यूपी में सबसे अधिक सक्रिय हैं। इनमें से Dengue-2 को सबसे खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि यह रक्तस्रावी बुखार (Hemorrhagic Fever) और डेंगू शॉक सिंड्रोम की स्थिति भी पैदा कर सकता है, जो जानलेवा भी हो सकता है।
पहली बार हुआ सैंपल आधारित सीरोटाइप अध्ययन
माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने पहली बार डेंगू के वायरस का सीरोटाइपिंग अध्ययन किया है। लगभग 70 मरीजों के ब्लड सैंपल्स की PCR टेस्टिंग की गई, जिसमें 33 मरीजों में Dengue-2 (DEN-2) और Dengue-3 (DEN-3) सक्रिय पाए गए। विभागाध्यक्ष डा. अमित गर्ग ने बताया कि यह डेटा ICMR (Indian Council of Medical Research) को भेजा जाएगा ताकि भविष्य में Dengue-2 से बचाव के लिए वैक्सीन विकसित की जा सके।
क्यों खतरनाक है Dengue-2 Strain?
Dengue वायरस के चार प्रमुख सीरोटाइप होते हैं DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4। इनमें से DENV-2 सबसे खतरनाक है क्योंकि इसमें प्लेटलेट्स तेजी से गिरती हैं और कई बार यह 10,000 से नीचे पहुंच जाती हैं।
Dengue-2 Strain के मुख्य लक्षण
- मसूड़ों या नाक से खून आना
- उल्टी या मल में खून
- लो ब्लड प्रेशर और बेहोशी
- लिवर और किडनी फेल होने का खतरा
- तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी, थकान और सांस लेने में तकलीफ
बचाव के उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू से बचाव के उपाय:
- मच्छर काटने से बचें – पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- पानी जमा न होने दें – घर के आसपास गमले, कूलर, टंकी आदि की नियमित सफाई करें।
- बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं – खुद से दवा न लें, डॉक्टर से संपर्क करें।
- तरल पदार्थ अधिक पिएं – शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- मरीज की नियमित निगरानी रखें – प्लेटलेट्स और ब्लड प्रेशर पर ध्यान दें।
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