नई दिल्ली। सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक कार में हुए भीषण विस्फोट के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। विस्फोट में नौ लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल होने के बाद जांच एजेंसियां देशभर में सक्रिय हो गई हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने लखनऊ के मड़ियांव स्थित आईआईएम रोड, मुत्तकीपुर इलाके में एक डॉक्टर के घर पर छापेमारी की।
फरीदाबाद में गिरफ्तार आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी जांच
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई फरीदाबाद में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल से जुड़े नेटवर्क की जांच के तहत की गई। गिरफ्तार किए गए आतंकी डॉ. मुजम्मिल की गर्लफ्रेंड शाहीन शाहिद, जो लखनऊ की रहने वाली है, को एक दिन पहले फरीदाबाद में हिरासत में लिया गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दिल्ली ब्लास्ट में शाहीन शाहिद की भूमिका संदिग्ध है। छापेमारी जिस घर पर की गई, वह डॉ. परवेज अंसारी का है। टीम को मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का पास बरामद हुआ, जो संदिग्धों से जुड़े होने की संभावना जताई जा रही है।
सहारनपुर से जुड़ा नेटवर्क
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल ही में एक आतंकी गिरोह का खुलासा किया था, जिसके तहत सहारनपुर निवासी डॉ. आदिल को गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर ही डॉ. मुजम्मिल को पकड़ा गया। जांच में पता चला कि आई-20 कार, जिसमें विस्फोट हुआ था, मुजम्मिल की गर्लफ्रेंड डॉ. शाहीन शाहिद के नाम पर पंजीकृत है। मंगलवार को एटीएस की टीम शाहीन के लालबाग स्थित पुस्तैनी घर में भी तलाशी ले रही है।
लाल किला के पास हुआ था भीषण विस्फोट
सोमवार शाम लगभग 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक आई-20 कार में अचानक धमाका हो गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास से गुजर रही छह गाड़ियाँ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और 20 से अधिक वाहन नुकसान की चपेट में आ गए। विस्फोट के कारण नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 घायलों को लोकनायक अस्पताल और एक अन्य को ट्रॉमा सेंटर कश्मीरी गेट में भर्ती कराया गया है। चश्मदीदों के अनुसार, धमाके की आवाज चार किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और कार आग के गोले में तब्दील होकर हवा में उछल गई।
2011 के हाईकोर्ट ब्लास्ट की यादें ताज़ा
यह धमाका 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट की पार्किंग में हुए विस्फोट की याद दिला गया, जिसने राजधानी को झकझोर दिया था। सुरक्षा एजेंसियां अब यह जांच कर रही हैं कि क्या हालिया धमाके के पीछे पुराने आतंकी नेटवर्क या sleeper cells का हाथ है। फिलहाल दिल्ली, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में संयुक्त जांच जारी है और कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।





