Delhi Blast: लाल किला के पास हुए भीषण विस्फोट ने पांच परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। मंगलवार को लोक नायक अस्पताल की मोर्चरी से जब शव बाहर लाए गए, तो वहां मातम और चीख-पुकार का माहौल था। अपने प्रियजनों के चेहरे देखते ही परिजन फूट-फूटकर रो पड़े।

इस धमाके में मारे गए अमर कटारिया दिल्ली के श्रीनिवासपुरी इलाके के निवासी थे। उनके घर में मातम पसरा है। अमर की मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। बार-बार उनका एक ही सवाल था — “अब हमारा सहारा कौन बनेगा?” वहीं, पंकज के परिजनों ने लोक नायक अस्पताल में शव की शिनाख्त की। जैसे ही शव पर से चादर हटाई गई, परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अस्पताल प्रशासन ने औपचारिकता पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।

ओमान, जो इस विस्फोट में अपनी जान गंवा बैठे, उनका शव जब परिजनों को सौंपा गया तो माहौल ग़मगीन हो उठा। रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने किसी तरह परिवार को संभालने की कोशिश की। उधर, मोहसिन के घर भी मातम पसरा है। परिजन लगातार बेसुध हालत में हैं और बार-बार घटना स्थल पर प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। धमाके में मारे गए जुम्मन का शव मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के शवगृह में लाया गया, जहां परिवार ने कपड़ों के आधार पर उनकी पहचान की। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके शरीर के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके थे।





