दिल्ली में लाल किले के सामने हुए भीषण कार धमाके का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसे सुरक्षा एजेंसियां जांच के लिए बेहद अहम सबूत मान रही हैं। यह धमाका जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकी डॉ. मोहम्मद उमर की i20 कार में हुआ था। अब तक इस धमाके में 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि जांच का जिम्मा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपा गया है।
‘लाल गुब्बारे’ जैसा दिखा धमाका
CCTV कंट्रोल रूम में कैद फुटेज के अनुसार, शाम 6 बजकर 50 मिनट पर रेड फोर्ट चौक के पास यह विस्फोट हुआ। फुटेज में अचानक एक लाल गुब्बारे जैसी तेज़ आग की लपट उठती नजर आती है। घटना स्थल के आसपास लोगों की भारी आवाजाही थी, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।
NIA की जांच में अब तक के खुलासे
जांच एजेंसी NIA ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है। हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल शकील के दो ठिकानों से करीब 2900 किलो विस्फोटक बरामद हुआ था। फोन रिकॉर्ड्स से खुलासा हुआ है कि उनका लक्ष्य 26 जनवरी और दिवाली के मौके पर लाल किले पर बड़ा धमाका करने का था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि डॉ. मुजम्मिल और डॉ. उमर ने पहले भी जनवरी के पहले हफ्ते में लाल किले की रेकी की थी।
मेवात से मौलवी गिरफ्तार
इस आतंकी साजिश के तार अब हरियाणा के मेवात से भी जुड़ते दिख रहे हैं। यहां से मौलवी इस्ताक को हिरासत में लेकर जम्मू-कश्मीर ले जाया गया है, जहां उससे NIA और जम्मू-कश्मीर पुलिस संयुक्त पूछताछ कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, मौलवी इस्ताक ने डॉ. मुजम्मिल को अपना कमरा किराए पर दिया था। फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव में स्थित उस कमरे से 2500 किलो से अधिक विस्फोटक मिला था, जबकि दूसरे कमरे से भी बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ। कुल मिलाकर एजेंसियों ने 2900 किलो से ज्यादा विस्फोटक जब्त किया है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं ताकि दिल्ली और आसपास के इलाकों में फैले संभावित आतंकी मॉड्यूल्स का पर्दाफाश किया जा सके।





