Thursday, March 26, 2026

Delhi Blast Update: दिल्ली ब्लास्ट केस में नया खुलासा, कई बार हापुड़ में गुप्त मीटिंग कर चुकी है शाहीन…

Delhi Blast Update: दिल्ली बम विस्फोट की साजिश के तार अब दिल्ली से निकलकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक पहुंच गए हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्य आतंकी डॉ. शाहीन सईद और उसके भाई डॉ. परवेज सईद ने तब्लीगी जमात के नेटवर्क का सहारा लेकर दिल्ली-यूपी क्षेत्र में धार्मिक कट्टरता फैलाने का काम किया।

डॉक्टर फारुख के साथ मिलकर साजिश को अंजाम दे रही थी शाहीन

खुफिया रिपोर्ट बताती है कि शाहीन सईद और परवेज सईद ने जमात में युवाओं का ब्रेनवॉश कर स्लीपर सेल तैयार किए। कोविड काल में शाहीन कई बार हापुड़ पहुंची थी और जमात से जुड़ी मस्जिदों व मदरसों में गुप्त मीटिंग्स की थीं। जीएस मेडिकल कॉलेज का डॉक्टर फारुख भी इस साजिश में शामिल पाया गया है। जांच में यह भी पुष्टि हुई है कि इस पूरी साजिश में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है, जिसने शाहीन को महिलाओं के कट्टरपंथी विंग का कमांडर बनाया था।

100 से ज्यादा संदिग्ध रडार पर

सूत्रों के अनुसार, शाहीन ने परवेज फारुख के साथ मिलकर तब्लीगी मस्जिदों व मदरसों में गुप्त बैठकें कीं, जहां युवाओं को जिहाद का लालच दिया जाता था।
खुफिया एजेंसियों ने इस साजिश से जुड़े 100 से अधिक संदिग्धों को रडार पर लिया है। वर्ष 2020–2023 में कोरोना महामारी के दौरान शाहीन कई बार हापुड़ आई। अगस्त 2025 में वह लखनऊ भी गई, जहां परवेज ने उसे जमात के वरिष्ठ नेताओं से मिलवाया। इसके बाद परवेज ने सहारनपुर, हाथरस, हापुड़, मुरादाबाद, संभल, बिजनौर, दिल्ली और कानपुर में कई बैठकों का आयोजन किया। इन बैठकों में युवाओं को कट्टरता का जहर भरकर स्लीपर सेल तैयार किए जा रहे थे

हापुड़ दौरे का पूरा डेटा एजेंसियों ने जुटाया

एजेंसियों ने शाहीन के हापुड़ आने के डेटा जुटा लिए हैं। इसमें फोन लोकेशन, मीटिंग रिकॉर्ड, संपर्कों की लिस्ट और गुप्त बैठकों का पूरा विवरण शामिल है।

विस्फोट में शामिल आतंकियों के बने मददगार

जांच में खुलासा हुआ कि शाहीन घर-घर जाकर प्रचार करती थी, जबकि परवेज यूनिवर्सिटी कैंपस में भर्ती अभियान चलाता था। इन दोनों के जरिए जुड़े नेटवर्क के लोगों ने विस्फोट में शामिल आतंकियों की मदद, गाड़ियों का इंतजाम और शहरों में पनाह देने का काम किया।

कोरोना काल में पकड़े गए थे विदेशी जमाती

31 मार्च 2021 को पिलखुवा पुलिस ने 13 जमातियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 9 विदेशी थे। ये सभी तब्लीगी मरकज, निजामुद्दीन से लौटकर हावल स्थित मदरसे में छिपे मिले थे। जमातियों पर मुकदमे भी दर्ज किए गए थे।

तब्लीगी नेटवर्क की गहन जांच जारी

एसपी ज्ञानंजय सिंह के अनुसार, “शाहीन के हापुड़ आने की बात की जांच की जा रही है। खुफिया एजेंसियां अब तब्लीगी जमात के पूरे नेटवर्क की गहन छानबीन कर रही हैं ताकि ऐसी साजिशें दोबारा न हो सकें।”

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