SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बारे में जागरुकता फैला रहे एक इंफ्लूएंसर का वीडियो इंटरनेट पर वायरल है। स्मित ठक्कर नाम के फाइनेंस इंफ्लूएंसर अपनी वीडियो में बताता है कि ‘आने वाले इलेक्शन के लिए अभी पूरे देश में वोटर आईडी वेरिफिकेशन के लिए SIR फॉर्म बांटे जा रहे हैं। एसआईआर की प्रक्रिया के तहत इलेक्शन कमीशन देश में 18 साल के हो चुके सभी वोटर्स का रजिस्टेशन करेगा। साथ ही, जो भारत के वोटर्स नहीं है और गैर कानूनी तरीके से वोटर लिस्ट में शामिल है, उन्हें बाहर निकालेगा। ऐसे में SIR फॉर्म के नाम पर लोगों के साथ स्कैम न हो। इस बारे में बंदा अपने वीडियो में आगे बताता है।
SIR स्कैम क्या है?
वीडियो में बंदा बताता है कि SIR के नाम पर पहले ही बहुत से लोगों के साथ स्कैम हो चुका है। दरअसल, हो ये रहा है कि जिन लोगों ने भी SIR के फॉर्म सबमिट कर दिए है, उनके पास अंजान नंबरों से कॉल आ रहे हैं। अंजान नंबर पर मौजूद बंदा खुद को BLO यानी बूथ लेवल ऑफिसर बताता है। फिर वह कहता है कि ‘उसे ये वेरिफाई करना है कि आपका नाम 2002 के वोटर लिस्ट में था या नहीं।

OTP नहीं देना है…
इस वेरिफिकेशन के नाम पर वह फर्जी BLO आपके नंबर पर भेजा गया OTP मांगेगा। जिसे बताते ही आपका पूरा बैंक बैलेंस साफ हो जाएगा। ऐसे में कोई भी BLO आप से OTP नहीं मांगते हैं और आपको OTP नहीं देना है। इसके अलावा अगर कोई ओटीपी मांगने के नाम पर धमकी दे रहा है, तो आपको तुरंत इसकी शिकायत अपने नजदीदी पुलिस स्टेशन में करनी है।
यहां करें शिकायत…
भोपाल में SIR फॉर्म के नाम पर स्कैमर्स ने घोटाला चालू कर दिया था। जिसके तहत वह फॉर्म जमा कर चुके लोगों से या तो OTP मांग रहे थे, या फिर उन्हें SIR.apk की वायरस वाली फाइल भेजते हैं। जिसे डाउनलोड करते ही,वोटर्स की संवेदनशील जानकारी जैसे कॉन्टैक्ट, फोटो, SMS और यहां तक कि बैंकिंग डिटेल भी उनके पास चली जाती है। ऐसे में साइबर अपराध शाखा पुलिस ने निवासियों से सतर्क रहने और दूसरों को ऐसी फ्रॉड की गतिविधियों के बारे में सूचित करने का आग्रह किया है। किसी भी साइबर संबंधी घटना की स्थिति में, पीड़ित साइबर अपराध हेल्पलाइन 9479990636 या राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर सकते हैं, या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।





