नई दिल्ली, 24 नवंबर 2025 (बेखबर न्यूज) – ‘न्यायपालिका को नई ताकत मिली!’ जस्टिस सूर्यकांत ने आज भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ग्रहण की, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय राजधानी में औपचारिक समारोह में दिलाया। संविधान के अनुच्छेद 124 की धारा 2 के तहत पूर्व CJI जस्टिस भूषण आर. गवई द्वारा सिफारिश किए गए जस्टिस सूर्यकांत को राष्ट्रपति ने तुरंत स्वीकृति प्रदान की। 65 वर्ष की आयु पूरी कर सेवानिवृत्ति के बाद गवई ने सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठता परंपरा का पालन करते हुए सूर्यकांत का नाम प्रस्तावित किया था। उनका 15 महीने का कार्यकाल आज से शुरू हो गया है, जो सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख मामलों को नई दिशा देगा। क्या जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल न्यायिक सुधारों का नया दौर लाएगा? समारोह में सुप्रीम कोर्ट के जज, अटॉर्नी जनरल और कानूनी हस्तियां मौजूद रहीं—ECI और बार काउंसिल ने बधाई दी।
शपथग्रहण एक संक्षिप्त लेकिन गरिमामय समारोह में हुआ, जहां राष्ट्रपति मुर्मू ने जस्टिस सूर्यकांत को शपथ पत्र सौंपा। पूर्व CJI गवई ने कहा था, “सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं, जो न्यायिक निरंतरता सुनिश्चित करेंगे।” जस्टिस सूर्यकांत का न्यायिक सफर सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में उल्लेखनीय रहा है, जहां उन्होंने कई संवेदनशील मामलों पर फैसले दिए।
जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल: 15 महीने में क्या उम्मीदें?
- कार्यकाल: 24 नवंबर 2025 से 9 मार्च 2027 तक (65 वर्ष की आयु तक)।
- महत्व: सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठता परंपरा का पालन, जो न्यायपालिका की स्वतंत्रता को मजबूत करता है।
- प्रमुख चुनौतियां: पेंडिंग केसों का निपटारा, न्यायिक सुधार और संवेदनशील मामलों (जैसे CAA, UCC) का समाधान।
- प्रतिक्रियाएं: बार काउंसिल चेयरमैन मनन मिश्रा ने बधाई दी, “नई ऊर्जा मिलेगी।” ECI ने कहा, “न्यायिक फैसलों का स्वागत।”
ये नियुक्ति CJI गवई के कार्यकाल की विरासत को आगे बढ़ाएगी, जिन्होंने सेवानिवृत्ति से पूर्व उत्तराधिकारी की सिफारिश की। समारोह ने न्यायपालिका की मजबूती पर जोर दिया, और यह घटना देश की संवैधानिक परंपराओं को दर्शाती है। जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख मामलों का संचालन करेगा, जो भारतीय न्याय व्यवस्था पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है।
न्यायपालिका को नई दिशा—क्या जस्टिस सूर्यकांत के फैसले इतिहास रचेंगे? कमेंट में बताएं! अपडेट्स के लिए बेखबर.इन पर बने रहें। #JusticeSuryakant #53rdCJI #SupremeCourtIndia #OathCeremony #JudiciaryReforms





