Ram Mandir Flag Symbols: आज अयोध्या में राम मंदिर पर आज भव्य ध्वजारोहण किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत और और यूपी CM योगी आदित्यनाथ ने 22 फुट लंबे और 11 फुट चौड़े केसरिया ध्वज को मंदिर के शिखर पर फहराया। यह कोई साधारण ध्वज नहीं, बल्कि अत्यंत विशेष प्रतीकों से युक्त धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व का ध्वज है, जिस पर ॐ, सूर्यदेव और कोविदार वृक्ष अंकित हैं। प्रत्येक चिन्ह का अपना विशिष्ट संदेश और ऐतिहासिक संदर्भ है।
कैसा है राम मंदिर का नया ध्वज?
राम मंदिर पर जिस ध्वज का ध्वजारोहण किया गया है वह गहरा केसरिया रंग लिए हुए है, जो त्याग, तप, प्रकाश और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह ध्वज 22 फुट लंबा और 11 फुट चौड़ा है। केवल मुख्य शिखर ही नहीं, बल्कि परकोटे के छह मंदिरों पर भी ध्वज फहराए जाएंगे। सभी ध्वज अहमदाबाद में विशेष रूप से तैयार किए गए हैं।
ध्वज पर बने ॐ का धार्मिक महत्व
ध्वज पर सबसे प्रमुख रूप से ॐ (ऊँ) का पवित्र चिन्ह अंकित है। सनातन धर्म में ॐ को सबसे श्रेष्ठ और शुभ प्रतीक माना गया है। इसे सृष्टि का मूल नाद और सब देवताओं का संयुक्त रूप कहा गया है। मान्यता है कि ॐ की ऊर्जा आसपास सकारात्मकता का निर्माण करती है। सभी मंत्रों का आरंभ “ॐ” से करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।
क्यों बना है सूर्यदेव का चिन्ह?
राम मंदिर के ध्वज पर सूर्य का प्रतीक स्थापित है क्योंकि भगवान राम सूर्यवंश में जन्मे थे। वैवस्वत मनु से सूर्यवंश की शुरुआत मानी जाती है। मान्यता है कि राम जन्म के समय सूर्यदेव का रथ एक माह तक रुका रहा था। रावण वध से पहले भी भगवान राम ने सूर्यदेव की आराधना की थी। इसलिए सूर्य के चिन्ह को ध्वज पर अत्यंत सम्मान के साथ स्थान दिया गया है।
कोविदार वृक्ष – क्यों है इतना पवित्र?
कोविदार वृक्ष का उल्लेख कई पौराणिक ग्रंथों में मिलता है। यह वृक्ष अयोध्या की पहचान माना जाता है। प्राचीन काल में अयोध्या की सेना के ध्वज पर हमेशा कोविदार वृक्ष अंकित रहता था। एक कथा के अनुसार, जब भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण वनवास जा रहे थे, तब भरत अपनी सेना के साथ उन्हें रोकने आए। सेना के ध्वज पर कोविदार वृक्ष देखकर ही लक्ष्मण ने पहचान लिया कि यह अयोध्या की सेना है। इसलिए कोविदार वृक्ष रामायण की कथा और अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर का प्रमुख प्रतीक है।
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