Wednesday, February 4, 2026

‘हमसे सरकार ने नहीं मांगे 30 अरब डॉलर’ — मुकेश अंबानी की Reliance Industries ने क्यों दिया स्पष्टिकरण? जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) लिमिटेड ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि भारत सरकार ने कंपनी से उसके KG-D6 गैस ब्लॉक से अनुमानित रिजर्व से कम गैस उत्पादन के मामले में 30 अरब डॉलर (करीब 2.70 लाख करोड़ रुपये) का मुआवजा मांगा है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि रिलायंस और उसके पार्टनर BP के खिलाफ 30 अरब डॉलर का कोई दावा नहीं है

सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में रिलायंस ने कहा कि KG-D6 ब्लॉक से जुड़े मामले में भारत सरकार का वास्तविक दावा 247 मिलियन डॉलर (लगभग 2,222.6 करोड़ रुपये) का है, जिसका खुलासा कंपनी अपने वार्षिक ऑडिटेड वित्तीय विवरणों में लगातार और पारदर्शी तरीके से करती रही है।

कितना पुराना है विवाद?

यह मुआवजा विवाद एक दशक से भी अधिक पुराना है। इसकी शुरुआत तब हुई, जब सरकार ने KG-D6 ब्लॉक में ड्रिलिंग और गैस निकासी के लिए तैयार किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिलायंस, BP और निको समूह द्वारा पहले से किए गए निवेश के एक हिस्से को मंजूरी नहीं दी। यह पूरा मामला प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट (PSC) के तहत आता है, जिसमें कंपनियों को सरकार के साथ मुनाफा साझा करने से पहले अपनी लागत वसूलने की अनुमति होती है।

2016 से चल रही है मध्यस्थता

इस विवाद को लेकर 2016 से आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) की कार्यवाही चल रही है। कंपनी के मुताबिक, फाइनल सुनवाई पूरी हो चुकी है और अगले वर्ष निर्णय आने की उम्मीद है।
रिलायंस ने दोहराया कि उसने अपने पार्टनर BP के साथ मिलकर हमेशा अनुबंध और कानूनी दायित्वों का पूरी तरह पालन किया है।

30 अरब डॉलर के दावे पर क्यों आपत्ति?

रिलायंस का कहना है कि KG-D6 ब्लॉक से गैस उत्पादन में कमी जियोलॉजिकल सरप्राइज (भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों में अप्रत्याशित बदलाव) के कारण आई। कंपनी ने सरकार द्वारा कॉस्ट रिकवरी से इनकार को गलत बताया, जिसके चलते मामला मध्यस्थता तक पहुंचा। PSC के तहत, दो सरकारी प्रतिनिधियों वाले मैनेजमेंट पैनल को सभी अहम फैसलों पर अंतिम अधिकार होता है और ऑपरेटर उसकी मंजूरी के बिना खर्च नहीं कर सकता। रिलायंस का तर्क है कि जब खर्च पहले ही पैनल की प्रक्रिया के तहत हो चुका था, तो बाद में उसे नामंजूर करना अनुचित है

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