Sunday, June 21, 2026

Lucknow: स्कूल में नौवी के छात्र की हार्ट अटैक से हुई मौत

Lucknow: लखनऊ के सीएमएस स्कूल में बच्चे की अचानक हो गई मौत ने आम लोगों के साथ ही डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, इस प्रकार की अचानक हो जाने वाली मौत को हृदय फेल्योर (Heart Failure) माना गया है। हालांकि, इस बात का ध्यान देने योग्य है कि इस आयु में हृदय फेल्योर का जोखिम कम होता है। इस प्रकार की अचानक मौत के पीछे के कारण अन्य बीमारियों का भी अद्भुत महत्व हो सकता है।

लखनऊ के सिटी मांटेसरी स्कूल का मामला

लखनऊ के सिटी मांटेसरी स्कूल (सीएमएस) अलीगंज में बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे, कक्षा नौ के छात्र आतिफ सिद्दीकी (14) की संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक गिरकर मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है।

पोस्टमार्टम के बाद, छात्र को उसके दिल और इंद्रियों की जाँच के लिए भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही हमें यह स्थिति स्पष्ट होगी। छात्र के पेट पर काला निशान भी पाया गया है। सीएमएस के प्रवक्ता ऋषि खन्ना कहते हैं कि आतिफ केमिस्ट्री के कक्षा के दौरान अचानक बेहोश हो गया।

स्कूल के शिक्षक और नर्स ने उसे स्थानीय आरुशी मेडिकल सेंटर ले जाया। उसके पिता को भी फ़ोन से सूचना दी गई। वे भी वहीं पहुँचे। वहां, डॉक्टर ने बच्चे को सीपीआर दिया, लेकिन होश नहीं आया।

डॉक्टर ने हार्ट अटैक की संभावना जताते हुए उसे लारी कार्डियोलॉजी के लिए संदर्भित किया। एक ऑक्सीजन समर्थन वाले एम्बुलेंस से उसे लारी कार्डियोलॉजी ले जाया गया। लारी के प्रवक्ता डॉ. अक्षय प्रधान ने बताया कि बच्चे की आपात स्थिति में पहुँचने से पहले ही उसकी मौके पर मौत हो गई थी।

स्कूल ने अलग-अलग बातें बताईं: पिता

मो. अनवर सिद्दीकी, जो आतिफ के पिता हैं, ने लखनऊ में स्कूल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, मेरे पास फोन आया कि आतिफ की स्वास्थ्य खराब है। हम उसे आरुशी मेडिकल सेंटर ले जा रहे हैं। अनवर ने इसके साथ ही यह बताया कि स्कूल की ओर से दो अलग-अलग बातें बताई गईं।

पहली टीम ने कहा कि इस घटना के समय आतिफ कक्षा में था। दूसरी टीम का कहना था कि इसके समय वह खेल के मैदान में था। अनवर के अनुसार, आतिफ की आंखें लाल थीं और पूरे शरीर पर पीली रंग की दिखाई दी।

बच्चे की मौत से डॉक्टर भी हैरान, हार्ट की जांच से खुलेगी गुत्थी


लखनऊ सीएमएस स्कूल में बच्चे की अचानक हुई मौत ने आम लोगों के साथ ही डॉक्टरों को भी चौंका दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, इस प्रकार की अचानक होने वाली मौत को हार्ट फेल्योर कहा जा रहा है। हालांकि, ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस उम्र में हार्ट फेल्योर की संभावना कम होती है। इस प्रकार की अचानक मौत के पीछे और भी कई बीमारियां हो सकती हैं।

इसलिए पोस्टमार्टम में यदि वजह स्पष्ट नहीं होती है, तो फिर विचारणीय होता है कि विचार और हार्ट की जांच करने से ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार, इस उम्र में दिल की समस्या की संभावना कम होती है, लेकिन आनुवंशिक बीमारी इसका कारण बन सकती है। इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट नामक दिल की बीमारी में मरीज की दिल की धड़कन तेज हो जाती है।

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चिकित्सा भाषा में इसे ‘इलेक्ट्रिकल इम्बैलेंस’ कहा जाता है। इसमें भी मरीज की अचानक मौत की संभावना होती है। इस प्रकार की मौत व्यायाम करते समय या अधिक मेहनत करते समय हो सकती है। जन्मजात दिल की बीमारियां या कोई दूसरी समस्या भी जानलेवा हो सकती है।

इसलिए बच्चे के मेडिकल इतिहास के साथ ही पारिवारिक इतिहास की जानकारी भी महत्वपूर्ण है। कोलेस्ट्रॉल की गड़बड़ी भी इस प्रकार की मौत का कारण बन सकती है। कोलेस्ट्रॉल में गड़बड़ी होने पर सीने में दर्द, जकड़न या दबाव के साथ ही थकान और कमजोरी के लक्षण जरूर दिख सकते हैं।

वह सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहा था। छात्र कक्षा में था, और इसी दौरान उसको सांस लेने में कठिनाइयाँ आई। फिर वह अपहित हो गया। जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम किया गया, लेकिन मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। विचार के लिए विशेषज्ञों ने उसके विशेषांक और हृदय की जांच की जरूरत समझी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। – एआर शंकर, एडीसीपी,लखनऊ

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