Charthawal News: मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल कस्बे में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक कार के भीतर फंसे मासूम बच्चे की रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए कार का शीशा तोड़कर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद परिजनों और मौके पर मौजूद भीड़ ने राहत की सांस ली।
घटना चरथावल थाना क्षेत्र के अंतर्गत नगर पंचायत कार्यालय के सामने की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कस्बे के रहने वाले एक दंपति अपने छोटे बच्चे के साथ खरीदारी करने बाजार आए थे। बच्चे के सो जाने के कारण उन्होंने उसे कार की पिछली सीट पर सुला दिया और गाड़ी को लॉक कर सामान लेने पास की दुकानों पर चले गए। खरीददारी करने के बाद जब दंपति वापस लौटे तो उन्हें कार की चाबी नहीं मिली। उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन चाबी कहीं नहीं मिली। इसी दौरान कार के अंदर बंद बच्चा नींद से जाग गया और गर्मी व घुटन के कारण जोर-जोर से रोने लगा। बच्चे की आवाज सुनकर मौके पर लोग इकट्ठा हो गए।
स्थानीय लोगों ने स्थिति को गंभीर समझते हुए तुरंत कार्रवाई की। किसी अनहोनी की आशंका से घबराए ग्रामीणों ने कार का शीशा तोड़ दिया और बच्चे को बाहर निकाला। बाहर आते ही बच्चे ने राहत की सांस ली, वहीं माता-पिता भी भावुक होकर उसे सीने से लगा लिया। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार धूप में खड़ी थी और अंदर का तापमान बढ़ने लगा था। अगर कुछ देर और हो जाती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। बच्चे के बाहर आते ही सभी ने राहत महसूस की।
घटना की सूचना पाकर चरथावल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी। पुलिस ने बताया कि सौभाग्य से समय रहते बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया गया, नहीं तो कोई अनहोनी हो सकती थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि गर्मी के मौसम में ऐसी घटनाएँ अक्सर लापरवाही के कारण हो जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों को कभी भी बंद वाहन में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि कार के अंदर का तापमान तेजी से बढ़ता है जो बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। घटना के बाद कस्बे में चर्चा का विषय बन गई। सभी ने राहत व्यक्त करते हुए ग्रामीणों की तत्परता की सराहना की, जिनकी सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।





