पटना। (Prashant Kishor): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में Jan Suraaj नामक नई राजनीतिक पार्टी को अब तक अपने बयानों जितना असर नहीं दिखा रहा है। इस पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पहले ही बड़े दावे कर चुके थे कि उनकी पार्टी 10 से 150 सीटें जीत सकती है।
लेकिन आज के शुरुआती रुझानों में Jan Suraaj को एक भी सीट पर प्रमुख बढ़त नहीं मिल रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह पार्टी पुरी तरह से रणनीति और मतदान व्यवहार में पकड़ी नहीं जा सकी।
विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि—
- National Democratic Alliance (NDA) ने तेज शुरुआत की है और उसके गठबंधन दलों ने कई सीटों पर बढ़त बनायी है।
- Mahagathbandhan और अन्य विपक्षी पार्टियों भी संघर्ष में दिख रही हैं, लेकिन Jan Suraaj को अपना असर नहीं बना पा रही।
- प्रशांत किशोर ने पिछली कुछ महीनों में बिहार में बड़े पैमाने पर और प्रचार-प्रसार किया था, लेकिन मतदान में यह प्रचार “सीटों में जीत” में तब्दील नहीं हो पाया।
यह राजनीतिक स्थिति दर्शाती है कि बिहार जैसे राज्य में नया दल बनाना आसान नहीं है — खासकर जब अन्य बड़े दलों की जड़ें लंबे समय से मजबूत हों।
अब देखना यह है कि Jan Suraaj पार्टी क्या रणनीति अपनाती है और अगले अपडेट्स में किस तरह उसकी स्थिति बदलती है।





