जब आप हाईवे या एक्सप्रेसवे पर चलते हैं, तो अक्सर ‘Speed thrills but kills’ का बोर्ड नजर आता है। अधिकांश लोग इस चेतावनी को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। देश में सड़क दुर्घटनाओं के पीछे सबसे बड़ा कारण ओवर स्पीडिंग (Over Speeding) यानी तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना है। NCRB आंकड़े बताते हैं कि हर दिन करीब 280 लोग केवल तेज रफ्तार के कारण सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं।
हर साल लाखों जिंदगियां ले रही तेज रफ्तार : NCRB

भारत में सड़क सुरक्षा लगातार एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सड़कों पर हुई कुल दुर्घटनाओं में सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार ही रही। सिर्फ इसी वजह से 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, सड़क हादसों में होने वाली मौतों में सबसे अधिक हिस्सा ओवर स्पीडिंग का है।
लापरवाह ड्राइविंग भी बड़ी वजह
तेज रफ्तार के बाद सड़क दुर्घटनाओं का दूसरा बड़ा कारण खतरनाक और लापरवाह ड्राइविंग है। ऐसे मामलों का हिस्सा कुल दुर्घटनाओं में 23.6% रहा, जिसमें 41,035 लोगों की मौत हुई। इसमें गलत ओवरटेकिंग, अचानक लेन बदलना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी जैसे कारण शामिल हैं।

अन्य कारणों से भी गई हजारों जानें
इसके अलावा देशभर में करीब 17.8% सड़क दुर्घटनाएं अन्य कारणों से हुईं, जिनमें 30,950 लोगों की मौत हुई। इन कारणों में खराब मौसम, सड़कों पर जानवरों का आना, शराब या नशे की हालत में वाहन चलाना शामिल हैं।
हादसों से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां
- हमेशा स्पीड लिमिट का पालन करें।
- ड्राइविंग करते समय फोन या अन्य विचलित करने वाले कार्यों से बचें।
- अगर थकान या नींद महसूस हो रही है, तो तुरंत ब्रेक लेकर आराम करें।
- खराब मौसम या रात में ड्राइविंग के दौरान विशेष सतर्कता बरतें।
याद रखें, थोड़ी सी लापरवाही आपकी या किसी और की जिंदगी की कीमत बन सकती है। जिम्मेदारी से वाहन चलाना ही सुरक्षित सफर की सबसे बड़ी कुंजी है।





