Delhi vs Jammu and Kashmir: Ranji Trophy 2025 में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। 1934 में शुरू हुए इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट के 96 साल के इतिहास में पहली बार जम्मू-कश्मीर ने दिल्ली को पराजित किया है। टीम ने दिल्ली को 7 विकेट से हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की। इस जीत के नायक रहे आकिब नबी, जिन्हें उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं कप्तान पारस डोगरा, बल्लेबाज़ कामरान इकबाल, और युवा गेंदबाज़ वंशराज शर्मा (जिन्हें मज़ाक में ‘शर्मा जी का बेटा’ कहा जा रहा है) ने भी बेहतरीन प्रदर्शन कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया।
कामरान इकबाल ने अकेले बनाए 133 रन
दिल्ली ने अपने घरेलू मैदान पर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए जम्मू-कश्मीर को 179 रनों का लक्ष्य दिया। जवाब में जम्मू-कश्मीर ने यह लक्ष्य मात्र 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टीम की जीत के हीरो रहे कामरान इकबाल, जिन्होंने अकेले दम पर 179 में से 133 रन ठोक डाले और टीम को जीत दिलाई। दिल्ली की पहली पारी 211 रनों पर सिमट गई। जम्मू-कश्मीर की ओर से आकिब नबी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए मात्र 35 रन देकर 5 विकेट झटके और दिल्ली की बल्लेबाज़ी को ध्वस्त कर दिया।
कप्तान पारस डोगरा का शतक (Delhi vs Jammu and Kashmir)
पहली पारी में जम्मू-कश्मीर ने 310 रन बनाए, जिसमें कप्तान पारस डोगरा के 106 रनों का बड़ा योगदान रहा। उनके धैर्यपूर्ण शतक ने टीम को मज़बूत स्थिति में पहुंचाया। दूसरी पारी में दिल्ली की टीम थोड़ा बेहतर प्रदर्शन कर सकी लेकिन 300 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाई और 277 रनों पर सिमट गई। इस बार गेंदबाज़ी में वंशराज शर्मा का जलवा देखने को मिला, जिन्होंने अकेले ही 6 विकेट झटके। पहली पारी में 2 और दूसरी में 6 विकेट लेकर वंशराज ने मैच में कुल 8 विकेट अपने नाम किए, जिससे दिल्ली की हार तय हो गई। इस ऐतिहासिक जीत ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दी है। टीम के सामूहिक प्रदर्शन और खिलाड़ियों के जुनून ने यह साबित कर दिया कि जज़्बा और मेहनत के आगे इतिहास भी झुक जाता है।





