Sunday, March 22, 2026

नवरात्रि का पांचवां दिन: आज कैसे करें मां स्कंदमाता की पूजा, मंत्र, प्रिय भोग, पुष्प, रंग व आरती…

नवरात्रि का पांचवां दिन: (Shardiya Navratri 5th Day 2023)आज नवरात्रि का पांचवां दिन है। और यह दिन मां स्कंदमाता को समर्पित होता है। यह मान्यता है कि इस दिन स्कंदमाता की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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आज गुरुवार 19 अक्टूबर 2023, को शारदीय नवरात्रि का पांचवां दिन है। भगवती के स्कंदमाता स्वरूप की उपासना शारदीय नवरात्र की पंचमी तिथि पर विशेष रूप से की जाती है। देवी के इस स्वरूप की आराधना से जहां व्यक्ति की सद्कामनाएं पूर्ण होती हैं वहीं उसके मोक्ष का मार्ग भी सुलभ हो जाता है। स्कंद कार्तिकेय की माता होने के कारण ही देवी के इस स्वरूप को स्कंदमाता नाम मिला। काशी खंड, देवी पुराण और स्कंद पुराण में देवी का विराट वर्णन है।

मां स्कंदमाता का स्वरूप

मां स्कंदमाता को स्कंद कुमार भगवान कार्तिकेय की मां माना जाता है। मां के स्वरूप की बात करें तो स्कंदमाता की गोद में स्कंद देव में बैठे हुए हैं। स्कंदमाता कमल के आसन पर विराजमान हैं,इस वजह से इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। मां स्कंदमाता को गौरी, माहेश्वरी, पार्वती एवं उमा नाम से भी जाना जाता है। मां का वाहन सिंह है। मान्यता है कि मां की उपासना करने से संतान की प्राप्ति होती है।

मां स्कंदमाता का प्रिय रंग व पुष्प

मां की उपासना से परम शांति और सुख का अनुभव होता है। मां स्कंदमाता को श्वेत यानी सफेद रंग अति प्रिय है। मां को प्रसन्न करने के लिए पूजा में श्वेत रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए।

नवरात्रि का पांचवां दिन: मां स्कंदमाता का भोग

मां स्कंदमाता को केले का भोग बहुत ही प्रिय है। इसके साथ ही आप मां भगवती को खीर का प्रसाद भी अर्पित कर सकते हैं।

नवरात्रि का पांचवां दिन: मां स्कंदमाता के पूजन मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त- 04:43 AM से 05:34 AM
प्रातः सन्ध्या- 05:08 AM से 06:24 AM
अभिजित मुहूर्त- 11:43 AM से 12:29 PM
विजय मुहूर्त- 02:00 PM से 02:45 PM
गोधूलि मुहूर्त- 05:48 PM से 06:13 PM
सायाह्न सन्ध्या- 05:48 PM से 07:04 PM
अमृत काल- 12:14 PM से 01:51 PM

नवरात्रि का पांचवां दिन: मां स्कंदमाता पूजा विधि

प्रातः कल जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ- स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
मां स्कंदमाता की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं।
स्नान कराने के बाद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करें।
मां को रोली या कुमकुम भी लगाएं।
मां स्कंदमाता को मिष्ठान और पांच प्रकार के फलों का भोग लगाएं।
मां स्कंदमाता का पूजन कर अधिक से अधिक ध्यान करें।
मां की आरती जरूर करें।

नवरात्रि का पांचवां दिन: मां स्कंदमाता का मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

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