क्या आपका रेडियो अब बीते जमाने की बात बनने जा रहा है?
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने FM और AM रेडियो बैंड को लेकर बड़ी पहल शुरू की है। मंत्रालय ने देशभर के प्रसारकों, AIR और निजी चैनलों से डिजिटल रेडियो प्रसारण प्रणाली (Digital Radio Migration) पर राय मांगी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत सरकार अगले दो वर्षों में पारंपरिक FM/AM बैंड को चरणबद्ध रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है।
इस बदलाव के बाद पुराने रेडियो सेट जिनमें डिजिटल रिसीवर नहीं है, वे काम नहीं करेंगे।
हालांकि, मंत्रालय ने यह भी कहा है कि यह प्रक्रिया तत्काल नहीं होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में इसे लागू करने में समय लगेगा ताकि वहां के श्रोताओं पर असर न पड़े।
क्यों उठाया गया यह कदम?
- भारत में लगभग 80% रेडियो प्रसारण अब भी एनालॉग तकनीक पर आधारित है।
- डिजिटल ट्रांसमिशन से साउंड क्वालिटी बेहतर और कम बिजली खर्च होगी।
- सरकार “Digital India Broadcasting Policy 2025” के तहत इसे बड़े सुधार के रूप में देख रही है।
रेडियो उद्योग से जुड़े संगठनों ने मांग की है कि सरकार लोगों को सस्ती डिजिटल रेडियो डिवाइस उपलब्ध कराए ताकि पुराने श्रोता भी इस बदलाव से जुड़ सकें।
ग्रामीण इलाकों, खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार जैसे क्षेत्रों में रेडियो आज भी खबरों और कृषि सलाह का अहम माध्यम है।
लोगों को चिंता है कि यदि FM/AM बैंड बंद हुए तो सूचना का पारंपरिक स्रोत खत्म हो जाएगा।





