गढ़मुक्तेश्वर में लगने वाला कार्तिक पूर्णिमा मेला इस समय पूरे जोरों पर है। व्यापार की दृष्टि से यह मेला बहुत ही अहम माना जाता है। गधोड़ के मेले में आया मारवाड़ी घोडा मेले में आकर्षण का केन्द्र बन गया है। साथ ही यहां हजारों विभिन्न प्रजाति के घोड़े को देखने एवं खरीदने के लिए लोगों कीआवाजाही लगी हुई है।

गढ़ मेले में गधोड़ का मेला लगने का भी पौराणिक महत्व है पांड़वों के अश्वों(घोड़ों) को जिस स्थान पर अश्वशाला बनाई गई थी। उसी स्थान पर वर्तमान में घोड़ा, खच्चर एवं गधों आदि का जमावड़ा लगता है। इस मेले में अभी तक सात हजार से अधिक गधे, घोड़े, खच्चर खरीद फरोख्त के लिए आ चुके हैं। इसमें मारवाड़ी, हरियाणा, सिंधी घोड़े सबसे ज्यादा हैं।
सोमवार की शाम को मेले में मेरठ के हसनपुर कला के रहने वाले अरुण फौजी अपना घोड़ा लेकर पहुंचे। इस घोड़े कि उम्र अभी मात्र 28 माह है। इसकी वर्तमान में ऊंचाई 5 फीट है। घोडा स्वामी फौजी ने बताया कि इसकी ऊंचाई 6 फीट को भी पार कर जाएगी। मेले में इसकी कीमत 31 लाख रुपये रखी गई है। इस घोड़े को देखने के लिए दूर- दराज से व्यापारी आ रहे हैं।
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