Sanchar Saathi ऐप पिछले कुछ महीनों में भारत के सबसे चर्चित डिजिटल टूल्स में शामिल हो गया है। वजह साफ है, क्योंकि यह सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि मोबाइल सिक्योरिटी, फ्रॉड प्रिवेंशन और फोन-ट्रैकिंग का पूरा सिस्टम है। इस नाम ने हालिया दिनों में और चर्चा बटोरी है, क्योंकि भारत सरकार चाहती है कि ये ऐप Android और iOS डिवाइसेज पर पहले से इंस्टॉल आए। हालांकि, इस पर अभी बहस छिड़ी हुई है और आने वाले दिनों में इस निर्देश का फाइनल फैसला सामने आ जाएगा। तब तक यहां हम इस ऐप के उन फीचर्स की बात करेंगे, जिनकी वजह से यह आपके लिए एक बेहद काम का ऐप बन सकता है।
Sanchar Saathi इन सबका सॉल्यूशन एक ही ऐप में देता है
चाहे फोन चोरी हो गया हो, कहीं खो गया हो, कोई आपकी पहचान पर फर्जी मोबाइल नंबर बनाकर यूज कर रहा हो, या फिर आपको फोन की असली-नकली पहचान जांचनी हो – Sanchar Saathi इन सबका सॉल्यूशन एक ही ऐप में देता है। यह ऐप सरकारी है, सीधा DoT (Department of Telecommunications) द्वारा मैनेज किया जाता है। ऐप का असली फायदा आम लोगों को तब समझ में आता है, जब कोई फोन गुम हो जाए या नंबर का गलत इस्तेमाल शुरू हो जाए। चलिए, आसान भाषा में समझते हैं कि Sanchar Saathi ऐप में आखिर ऐसा क्या है, जो इसे आज इंडिया का सबसे जरूरी फोन-सिक्योरिटी टूल बनाता है।
1) CEIR के जरिए खोया या चोरी हुआ फोन ब्लॉक करना: Sanchar Saathi का सबसे लोकप्रिय फीचर CEIR सिस्टम है। अगर आपका फोन चोरी हो जाए या कहीं गुम हो जाए, तो आप ऐप से तुरंत उसका IMEI ब्लॉक कर सकते हैं। IMEI ब्लॉक होने के बाद फोन किसी भी नेटवर्क पर काम नहीं करेगा, चाहे उसमें नई SIM डाल दी जाए। ये फीचर चोरी के फोन को बेकार बना देता है और रिसेल मार्केट में उसकी कीमत खत्म कर देता है। अच्छी अच्छी बात यह है कि अगर फोन मिल जाए, तो उसी ऐप से IMEI अनब्लॉक भी किया जा सकता है।
2) Duplicate या Fake मोबाइल कनेक्शन की पहचान: Sanchar Saathi का TAFCOP सेक्शन आपको यह दिखाता है कि आपके नाम पर कितने मोबाइल नंबर एक्टिव हैं। कई लोग बिना जाने ही फ्रॉड का शिकार बन जाते हैं, क्योंकि उनके नाम पर कई सिम चल रहे होते हैं। यह ऐप आपको पूरी लिस्ट दिखाता है। यह दिखाता है कि कौन-कौन से नंबर आपके आधार पर चल रहे हैं। इसके अलावा, यह आपको ऑप्शन देता है कि आप किन नंबरों को डिस्कनेक्ट करवाना चाहते हैं या किस नंबर पर आपको शक है। इसके जरिए दो क्लिक में फर्जी कनेक्शन को रिपोर्ट किया जा सकता है।
3) IMEI Checker: फोन असली है या नहीं, तुरंत पता चल जाएगा: सेकंड-हैंड फोन खरीदना अब भी कई लोगों की जरूरत है। लेकिन नकली IMEI वाले फोन या IMEI क्लोन किए हुए डिवाइस बाजार में खूब मिल जाते हैं। हाल ही में दिल्ली के करोल बाग में एक नकली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का पर्दाफाश किया गया था, जहां नकली फोन बनाए जा रहे थें। Sanchar Saathi का IMEI Verification फीचर आपको यह बताता है कि फोन का IMEI वैलिड है या नहीं, इसकी मैन्युफैक्चरिंग डिटेल क्या है, कहीं IMEI ब्लैकलिस्ट में तो नहीं है और फोन चोरी/लॉस्ट तो रिपोर्ट नहीं किया गया।
4) खोए फोन की लोकेशन ट्रैकिंग: ऐप खुद लोकेशन नहीं दिखाता, लेकिन IMEI-ब्लॉक और नेटवर्क-सिंकिंग के जरिए पुलिस को डिवाइस तक पहुंच आसान हो जाती है। इसी वजह से सरकार ने बताया है कि 7 लाख से ज्यादा खोए हुए फोन इस सिस्टम से रिकवर किए जा चुके हैं। यह फीचर कई राज्यों की पुलिस टीम के काम को सुपर-फास्ट बनाता है।
5) नंबर के गलत यूसेज पर तुरंत रिपोर्ट और एक्शन: मान लीजिए कोई व्यक्ति आपके नाम का इस्तेमाल करके कोई फ्रॉड नंबर चला रहा है, तो आप ऐप से ही रिपोर्ट कर सकते हैं और वो नंबर डिसकनेक्ट किया जा सकता है। सरकार कहती है कि अब तक 37 लाख से ज्यादा फर्जी नंबर ब्लॉक किए जा चुके हैं और लाखों फर्जी पहचान वाले कनेक्शंस हटाए गए हैं।
6) मोबाइल खरीदने से पहले Complete Device History चेक करें:
IMEI डालते ही आप जान सकते हैं कि फोन:
- पहले किस नेटवर्क पर चला
- चोरी/लॉस्ट के रूप में मार्क तो नहीं है
- कितनी बार SIM बदली गई
- क्या IMEI रिपेयर्ड/रीफ्लैश्ड हुआ है





