Saturday, March 21, 2026

सोमवार से कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल, कौन से फैक्टर्स मार्केट पर डालेंगे असर? जानें सबकुछ

सोमवार से नए हफ्ते की शुरुआत हो रही है और निवेशकों के लिए यह हफ्ता काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस सप्ताह शेयर बाजार की दिशा कई अहम कारकों से तय होगी, जिनमें मौजूदा तिमाही के नतीजों का सीजन अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व का ब्याज दर निर्णय और महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े शामिल हैं। मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि इन कारकों की प्रतिक्रिया बाजार में तेजी या मंदी का संकेत दे सकती है।

इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में प्रगति पर भी निवेशकों की निगाह रहेगी। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के नतीजों का सीजन बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा, क्योंकि कई बड़ी कंपनियां अपने वित्तीय आंकड़े जारी करने वाली हैं। निवेशक सबसे पहले कोटक महिंद्रा बैंक के नतीजों पर ध्यान देंगे। इसके बाद आईओसी, टीवीएस मोटर कंपनी, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, आईटीसी, सिप्ला, डाबर, मारुति और एसीसी के नतीजे निवेशकों की निगाहों में होंगे।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजित मिश्रा के अनुसार, व्यापक आर्थिक मोर्चे पर 28 अक्टूबर को जारी होने वाले सितंबर माह के औद्योगिक उत्पादन (IIP) के आंकड़ों पर निवेशकों की नजर रहेगी। वहीं, वैश्विक स्तर पर 29 अक्टूबर को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले पर सभी का ध्यान रहेगा, जो वैश्विक तरलता और जोखिम धारणा को प्रभावित कर सकता है। मिश्रा ने यह भी बताया कि अमेरिका और चीन के राष्ट्रपतियों के बीच निर्धारित बैठक से जुड़े घटनाक्रमों पर भी निवेशक ध्यान देंगे, क्योंकि इससे व्यापारिक तनाव कम होने और वैश्विक बाजारों पर असर पड़ने की संभावना है।

कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी नजर

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक विदेशी निवेशकों की व्यापारिक गतिविधियों और ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों पर भी नजर बनाए रखेंगे। ऑनलाइन ट्रेडिंग और फिनटेक कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने बताया कि घरेलू स्तर पर, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में आने वाले सप्ताह में होने वाली प्रगति निवेशकों का मुख्य फोकस रहेगी।

जल्द अमेरिका के साथ ट्रेड डील संभव

एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। वहीं, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी समझौते में जल्दबाजी नहीं करेगा और न ही ‘सिर पर बंदूक’ रखकर निर्णय लेगा।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध प्रमुख और संपदा प्रबंधन विशेषज्ञ सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि यह सप्ताह आर्थिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहेगा। निवेशक अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व, यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) और बैंक ऑफ जापान के ब्याज दर निर्णयों के साथ-साथ चीन के विनिर्माण पीएमआई और भारत के औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों पर विशेष ध्यान रखेंगे।

पिछले सप्ताह छुट्टियों के चलते कारोबार कम था। इस दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 259.69 अंक या 0.30 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी 85.3 अंक या 0.33 प्रतिशत के लाभ में रहा। हालांकि, शुक्रवार को बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।

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