India Pakistan LoC High Alert: भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक बार फिर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। विश्वसनीय खुफिया रिपोर्टों में बताया गया है कि पाकिस्तान की सेना, खैबर पख्तूनख्वा में भड़के विद्रोह और जनाक्रोश से लोगों का ध्यान हटाने के उद्देश्य से भारत से सटी सीमा पर किसी उकसावे वाली कार्रवाई की योजना बना सकती है। इसी आधार पर भारतीय सशस्त्र बलों को उच्च सतर्कता के आदेश जारी किए गए हैं और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दिए गए हैं।
यह अलर्ट उस समय आया है जब पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में अशांति चरम पर है। स्थानीय पश्तून समुदाय लंबे समय से पाकिस्तानी सेना की कथित दमनकारी नीतियों का विरोध कर रहा है और अब विरोध खुले बगावत का रूप ले चुका है। हाल के दिनों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) तथा अन्य उग्रवादी संगठनों ने सेना पर कई हमले किए हैं।

पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग ISPR ने इन विद्रोहों को ‘इंडियन प्रॉक्सी फित्ना अल-खारिज’ बताकर भारत पर आरोप लगाने की कोशिश की है, जबकि स्थानीय नागरिक इसे पंजाबी-प्रधान सेना द्वारा पश्तूनों पर किए गए अत्याचारों का नतीजा मानते हैं। अफगान सीमा से सटा खैबर पख्तूनख्वा वर्षों से उग्रवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है और फिलहाल पाकिस्तानी सेना भीतरी संकटों में उलझी हुई है। ऐसे में आशंका है कि घरेलू अस्थिरता से ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तान LoC या अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तनाव बढ़ा सकता है। खुफिया इनपुट मिलते ही भारतीय सेना को तुरंत अलर्ट पर कर दिया गया है। अग्रिम चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और पूरी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत कर दी गई है। सैन्य सूत्रों का कहना है कि भारतीय सेना किसी भी तरह की हरकत का सख्त और त्वरित जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
हालांकि भारतीय सेना की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, परंतु रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता और जनता के गुस्से के बीच सीमा पर तनाव पैदा करना उसकी पुरानी रणनीति रही है। भारत ने सीमा पर शांति बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, लेकिन स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना की नजर सीमा पार हर गतिविधि पर है। सेना, खुफिया एजेंसियों और एयर डिफेंस नेटवर्क के बीच तालमेल को और मजबूत किया गया है। सभी सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हैं और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं।





