Sunday, March 22, 2026

भारत के 53वें CJI: 7 देशों के मुख्य न्यायाधीशों की मौजूदगी मे CJI की शपथ लेंगे जस्टिस…

भारत के 53वें CJI: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत सोमवार को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI India) के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह में 7 देशों के मुख्य न्यायाधीश भी शामिल होंगे। वे CJI बीआर गवई का स्थान लेंगे, जो रविवार शाम को सेवानिवृत्त हुए।

CJI सूर्यकांत के शपथ ग्रहण में पूरा परिवार शामिल होगा

CJI पद के लिए आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए राष्ट्रपति भवन में निमंत्रण पत्र बनकर तैयार हो गए हैं। जस्टिस सूर्यकांत का पूरा परिवार हरियाणा के हिसार के पेटवाड़ गांव में रहता है। उनके बड़े भाई मास्टर ऋषिकांत गांव में परिवार के साथ ही रहते हैं, वहीं उनके एक भाई हिसार शहर में और तीसरा भाई दिल्ली में रहते हैं।

सूर्यकांत के अलावा, उनके तीनों भाइयों – ऋषिकांत, शिवकांत और देवकांत को भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता मिला है। बड़े भाई मास्टर ऋषिकांत ने बताया कि पूरा परिवार एक दिन पहले ही दिल्ली पहुंचकर हरियाणा भवन में ठहरेगा।

ऐतिहासिक फैसलों में निभाई अहम भूमिका

जस्टिस सूर्यकांत देश के कई ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं—

  • अनुच्छेद 370 और 35A हटाने से जुड़े मामलों में भागीदारी
  • पेगासस स्पाइवेयर जांच का आदेश
  • बिहार चुनावी मतदाता सूची संशोधन (SIR) पर महत्वपूर्ण सुनवाई
  • राजद्रोह कानून पर FIR रोकने का निर्देश
  • पंजाब में PM मोदी की सुरक्षा चूक की जांच के लिए कमेटी गठन

15 महीने रहेंगे देश के सबसे बड़े न्यायिक पद पर

जस्टिस सूर्यकांत को 30 अक्टूबर को CJI नामित किया गया था और वे लगभग 15 महीने तक CJI India के तौर पर सेवाएं देंगे। उनका कार्यकाल फ़रवरी 2027 तक चलेगा।

कई प्रमुख मामलों में दी सार्थक दिशा

  • 65 लाख मतदाताओं को सूची से हटाने के मामले में चुनाव आयोग को स्पष्टीकरण देने के लिए प्रेरित किया। सैन्य बलों के लिए वन रैंक-वन पेंशन (OROP) को मान्य ठहराया। महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने से जुड़े मामलों की सुनवाई की। AMU की अल्पसंख्यक दर्जे पर आए ऐतिहासिक फैसले में शामिल रहे।

साधारण परिवार से सर्वोच्च न्यायपालिका तक का सफर

जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कानून में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। 2018 में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। 2019 में सुप्रीम कोर्ट जज के रूप में नियुक्त हुए। उनका करियर एक छोटे शहर के वकील से शुरू होकर देश की सर्वोच्च न्यायिक कुर्सी तक पहुंचा।

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