मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल क्षेत्र में तेंदुए की दहशत बढ़ती जा रही है। रोनी हरजीपुर गांव के जंगल में तेंदुआ दिखने के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। शुक्रवार रात शादी समारोह से लौट रहे कुछ ग्रामीणों ने सरसों के खेत में बैठे तेंदुए का वीडियो बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बिरालसी से रोनी हरजीपुर जाने वाली सड़क के किनारे स्थित एक खेत में राहगीरों ने तेंदुए को देखा। सूचना मिलते ही बिरालसी चौकी पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन वाहनों की रोशनी देखते ही तेंदुआ ईख के खेतों में भाग गया। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 15 दिन पहले भी गांव के जंगलों में तेंदुआ दिखाई दिया था, लेकिन वन विभाग ने न तो कोई टीम लगाई और न ही पिंजरा लगाया।
भाकियू नेता विकास शर्मा ने बताया कि वन विभाग और पुलिस को कई बार सूचना दी गई, लेकिन रात में कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। रोनी हरजीपुर, बिरालसी, हरनाकी, मांगनपुर और पीपलशाह समेत कई गांवों के निवासी लगातार तेंदुए की मौजूदगी से दहशत में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार रोनी हरजीपुर के प्रधान विनोद पुंडीर ने बताया कि ग्रामीणों ने तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी 15 दिन पहले ही अधिकारियों को दे दी थी, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने जल्द से जल्द टीम गठित कर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।
पिछले सप्ताह तितावी क्षेत्र के नूननगर गांव में भी तेंदुआ गोवंश का शिकार कर चुका है। इसके बावजूद अभी तक किसी भी स्थान पर पिंजरा नहीं लगाया गया। क्षेत्रीय वन रक्षक आदित्य सोनकर का कहना है कि फिलहाल वायरल वीडियो की जांच चल रही है और तेंदुए की मौजूदगी के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं।





