मुरादाबाद/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के पाकबाड़ा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जामिया एहसानुल बनात गर्ल्स मदरसे में आठवीं की छात्रा से एडमिशन इंचार्ज ने वर्जिनिटी सर्टिफिकेट की मांग की। इस खबर के बाद छात्रा और उसका परिवार गहरे सदमे में है।
पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी एडमिशन इंचार्ज को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मदरसे के प्रिंसिपल अभी तक फरार हैं। जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार चंडीगढ़ का रहने वाला है। दूसरी ओर, मदरसा प्रबंधन ने परिवार पर मदरसे की छवि खराब करने का आरोप लगाया है। इस घटना ने मदरसों में छात्राओं की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला ?
चंडीगढ़ निवासी एक परिवार की बेटी 2024 में मुरादाबाद के एक मदरसे में 7वीं कक्षा में पढ़ रही है। पीड़ित छात्रा के पिता ने पुलिस को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया है कि मदरसे के प्रशासन ने उनकी बेटी का अनुचित व्यवहार किया। पिता के अनुसार, मदरसे ने कहा कि उनकी बेटी का एडमिशन केवल तब ही स्वीकार किया जाएगा जब उसका मेडिकल कराया जाएगा और संबंधित सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया जाएगा। यदि सर्टिफिकेट जमा नहीं किया गया, तो बेटी को मदरसे से निकाल दिया जाएगा। पिता ने यह भी कहा कि इस दौरान मदरसे ने उनकी बेटी का चरित्र हनन किया। 7वीं की परीक्षाओं के बाद बेटी को घर बुला लिया गया।
इस बीच, पिता की पत्नी की मां बीमार पड़ गईं। देखभाल के लिए पत्नी प्रयागराज गईं। मायके से लौटकर पत्नी ने बेटी को फिर से मदरसे में छोड़ने की कोशिश की, लेकिन प्रबंधन ने अनुमति नहीं दी। प्रबंधन का कहना था कि किसी फोन कॉल के आधार पर उन्हें सूचना मिली है कि पिता अपनी बेटी के साथ अनुचित व्यवहार कर रहे हैं। इसी आधार पर बेटी का एडमिशन नहीं लिया जा सकता। छात्रा के पिता ने आगे बताया कि जब पत्नी ने कहा कि अगर बेटी का एडमिशन नहीं लिया जा रहा, तो ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी कर दीजिए, तब प्रबंधन ने 500 रुपए लेकर टीसी फॉर्म भरवाया। मदरसे ने पत्नी से लिखवाया कि वह बेटी का मेडिकल कराएँगी और सर्टिफिकेट जमा करेंगी। इस दौरान पत्नी काफी अपमानित महसूस हुईं और बेटी को लेकर घर लौट गईं।
पिता ने कहा कि उनके पास टीसी फॉर्म और भुगतान की दोनों रसीदें मौजूद हैं। 21 अगस्त को पैसे जमा किए गए थे, लेकिन प्रबंधन ने अभी तक टीसी नहीं दी। टीसी न मिलने के कारण बेटी किसी अन्य स्कूल में दाखिला भी नहीं ले पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे इल्जाम लगाकर उनकी बेटी की पढ़ाई रोक दी गई है और उन्हें मानसिक कष्ट झेलना पड़ रहा है। पिता के अनुसार, इस मामले के लिए प्रिंसिपल और मौलाना जिम्मेदार हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई है।
पुलिस ने एडमिशन इंचार्ज को किया गिरफ्तार
मुरादाबाद के एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि पाकबड़ा थाना क्षेत्र के लोधीपुर स्थित एक मदरसे के खिलाफ चंडीगढ़ के रहने वाले एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मदरसे में एक छात्रा के चरित्र पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और उसे जबरदस्ती मदरसे से बाहर किया गया।
पीड़ित छात्रा के पिता की तहरीर पर पाकबड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी एडमिशन इंचार्ज शाहजहां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मदरसे की प्रिंसिपल रहनुमा की तलाश जारी है। मदरसा के अन्य स्टाफ और इस मामले से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। मामले की जांच जारी है और सभी नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मदरसा प्रबंधन का आरोपों से इंकार
“इस मामले में मदरसा प्रशासन की ओर से मुफ़्ती अरबाब शम्सी ने आरोपों को निराधार करार देते हुए कहा कि छात्रा के माता-पिता के बीच आपसी विवाद चल रहा है, और वे अपनी झगड़े की वजह से बिना किसी ठोस कारण के हमारे मदरसे की बदनामी कर रहे हैं। यह आरोप पूरी तरह से गलत हैं।”





