Muzaffarnagar News: स्थानीय जाट इंटर कॉलेज में आज उस समय हंगामा मच गया जब राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के आगमन से पहले कॉलेज गेट पर रालोद (राष्ट्रीय लोक दल) के एक नेता की गाड़ी खड़ी मिली। गाड़ी हटाने को लेकर हुए विवाद ने देखते ही देखते तूल पकड़ लिया और रालोद नेताओं तथा कॉलेज शिक्षकों के बीच कहासुनी और हाथापाई तक की नौबत आ गई।
Muzaffarnagar News: जाट कॉलेज प्रशासन के साथ दुर्व्यवहार
कल यानि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के अवसर पर जाट इंटर कॉलेज में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें मंत्री कपिल देव अग्रवाल मुख्य अतिथि थे। कॉलेज के प्रधानाचार्य योगेंद्र सिंह मलिक के अनुसार, मंत्री के आने से पहले गेट पर रालोद के प्रदेश सचिव की प्लेट लगी एक गाड़ी खड़ी थी। जब कॉलेज प्रशासन ने गाड़ी हटाने को कहा, तो ड्राइवर ने दुर्व्यवहार किया।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल और भाजपा के खिलाफ अपमानजनक भाषा
प्रधानाचार्य के मुताबिक, कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वह रालोद कार्यालय पहुंचे तो रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक मीडिया को बयान दे रहे थे। उसी दौरान उन्हें बाहर रालोद के प्रदेश सचिव अशोक बालियान मिले। उन्होंने गाड़ी खड़ी करने की शिकायत की तो अशोक बालियान नाराज़ हो गए और वहां मौजूद अन्य रालोद नेताओं के साथ मिलकर मंत्री कपिल देव अग्रवाल और भाजपा के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। विवाद इतना बढ़ गया कि रालोद नेताओं और कॉलेज शिक्षकों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी झड़पें होने लगीं। एक वीडियो में रालोद नेता सुधीर भारती और शिक्षकों के बीच हाथापाई होती स्पष्ट दिखाई दे रही है।
रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक के साथ भी कुछ धक्का-मुक्की हुई बताई जा रही है, हालांकि उन्होंने इससे इनकार किया है। उनका कहना है, “मेरे साथ कोई झड़प नहीं हुई। गाड़ी को लेकर थोड़ी बहस जरूर हुई थी, लेकिन बाद में मामला सुलझ गया। मंत्री कपिल देव अग्रवाल हमारे भाई हैं और हम गठबंधन में साथ हैं।” वहीं प्रधानाचार्य योगेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि गठबंधन में होने के बावजूद रालोद नेताओं का भाजपा मंत्री और भाजपा के प्रति व्यवहार अशोभनीय और अपमानजनक था।
इस पर रालोद प्रदेश सचिव अशोक बालियान ने सफाई दी, “मेरी गाड़ी गेट पर खड़ी थी, ड्राइवर चाय पीने गया था। बुलाने पर गाड़ी तुरंत हटवा दी गई। इसके बाद प्रधानाचार्य ने हमारे साथ अभद्रता की। कुछ शिक्षकों ने हमारे जिलाध्यक्ष और अन्य नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की।” हालांकि मामला अब शांत बताया जा रहा है, लेकिन गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच यह तनातनी मुजफ्फरनगर में चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर गर्म चर्चाएं जारी हैं।





