Pesticide Safety: खेती के दौरान कीटनाशकों का इस्तेमाल आज आम बात हो गई है, लेकिन बहुत कम किसानों को यह जानकारी होती है कि कीटनाशक की बोतल पर बना रंगीन निशान उनकी जान बचाने वाला सबसे बड़ा संकेत होता है। सही जानकारी के अभाव में हर साल सैकड़ों किसान जहरीले रसायनों की चपेट में आ जाते हैं। अगर आप खेतों में स्प्रे करते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।
कीटनाशकों की बोतल पर बने रंगों का मतलब
कीटनाशक की बोतल या पैकिंग पर एक कलर बैंड (रंगीन पट्टी) बनी होती है। यह बताती है कि दवा कितनी जहरीली है:
- 🔴 लाल रंग (Red Label): बेहद जहरीला – जान का सबसे ज्यादा खतरा
- 🟡 पीला रंग (Yellow Label): बहुत जहरीला
- 🔵 नीला रंग (Blue Label): कम जहरीला
- 🟢 हरा रंग (Green Label): सबसे कम जहरीला
दवा खरीदते समय सबसे पहले इस रंग को ध्यान से देखें।
कीटनाशक छिड़काव करते समय जरूरी सावधानियां
स्प्रे करते समय इन बातों का पालन करना आपकी सेहत के लिए बेहद जरूरी है:
- हमेशा मास्क पहनकर छिड़काव करें
- हाथों में दस्ताने (Gloves) जरूर लगाएं
- आंखों के लिए गॉगल का इस्तेमाल करें
- पैरों में गमबूट पहनें
- हवा की दिशा में पीठ करके ही स्प्रे करें
- नंगे शरीर या बिना कपड़ों के छिड़काव न करें
स्प्रे करते समय ये गलतियां ना करें
कई किसान अनजाने में गंभीर गलती कर बैठते हैं:
- खाना खाकर या खाली पेट स्प्रे न करें
- स्प्रे करते वक्त धूम्रपान या गुटखा बिल्कुल न लें
- दवा को मुंह से फूंक मारकर पाइप साफ न करें
- बच्चों और जानवरों को आसपास न आने दें
अगर शरीर में जहर चला जाए तो क्या करें?
अगर गलती से कीटनाशक शरीर में चला जाए या असर दिखने लगे, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
- तुरंत साफ पानी से आंख और त्वचा धोएं
- तंग कपड़े तुरंत हटा दें
- उल्टी, चक्कर, सांस लेने में दिक्कत या बेहोशी लगे तो तुरंत अस्पताल जाएं
- डॉक्टर को बताएं कि किस कंपनी की दवा का संपर्क हुआ है
समय पर इलाज करने से जान बचाई जा सकती है।
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