Saturday, March 21, 2026

नवरात्रि का सातवां दिन: ऐसे करें मां कालरात्रि की पूजा अर्चना…

नवरात्रि का सातवां दिन: आज 21 अक्टूबर को नवरात्रि का सातवां दिन है। इस दिन मां कालरात्रि की पूजा का विधान है। जानें मां के पूजन मुहूर्त, विधि…

Navratri Seventh Day 2023, Maa Kalratri Puja Vidhi: आज शनिवार को शारदीय नवरात्रि का सातवां दिन है। यह दिन मां कालरात्रि को समर्पित होता है। देवी कालरात्रि को महायोगीश्वरी, महायोगिनी और शुभंकरी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की काल से रक्षा होती है और अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। जानें नवरात्रि के सातवें दिन का प्रिय रंग, पुष्प, भोग, मां कालरात्रि पूजन विधि, मुहूर्त, स्वरूप व अन्य खास बातें-

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मां कालरात्रि का ऐसा है स्वरूप: मां कालरात्रि का शरीर अंधकार की तरह काला है। मां के श्वास से आग निकलती है। मां के बाल बड़े बड़े और बिखरे हुए हैं। माता कालरात्रि के गले में पड़ी माला बिजली की तरह चमकती है। मां कालरात्रि के चार हाथ व तीन नेत्र हैं। एक हाथ में माता ने तलवार, दूसरे हाथ में लौह शस्त्र, तीसरे हाथ वरमुद्रा और चौथा हाथ अभय मुद्रा में है।

नवरात्रि का सातवां दिन: मां कालरात्रि के पूजन मुहूर्त-

ब्रह्म मुहूर्त- 04:44 AM से 05:35 AM
प्रातः सन्ध्या- 05:09 AM से 06:25 AM
अभिजित मुहूर्त- 11:43 AM से 12:28 PM
विजय मुहूर्त- 01:59 PM से 02:44 PM
गोधूलि मुहूर्त- 05:46 PM से 06:11 PM
सायाह्न सन्ध्या- 05:46 PM से 07:02 PM
अमृत काल- 03:15 PM से 04:48 PM
निशिता मुहूर्त- 11:41 PM से 12:31 PM

नवरात्रि का सातवां दिन: मां कालरात्रि पूजा विधि-

  • प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ- स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें।
  • मां कालरात्रि की प्रतिमा को स्नान करने में गंगाजल या शुद्ध जल का प्रयोग करें।
  • मां कालरात्रि को लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां को लाल रंग ही अधिक पसंद है।
  • मां कालरात्रि को स्नान कराने के बाद पुष्प अर्पित करें।
  • मां कालरात्रि को रोली कुमकुम लगाएं।
  • मां को मिष्ठान, पंच मेवा, अर्पित करें।
  • मां कालरात्रि का अधिक से अधिक समय तक ध्यान करें।
  • मां की आरती भी करें।

मां कालरात्रि मंत्र-

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥

मां कालरात्रि का सिद्ध मंत्र: ‘ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम:।’

मां कालरात्रि का भोग: मां कालरात्रि को गुड़ बहुत ही पसंद है। मान्यता है कि माता रानी को नवरात्रि के सातवें दिन गुड़ का भोग लगाना बहुत ही शुभ होता है।

नवरात्रि के सातवें दिन का शुभ रंग: मां को लाल रंग अतिप्रिय है। ऐसे में मां कालरात्रि की पूजा के दौरान लाल वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ होता है।

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