Shamli News: उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत शामली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रभावी पैरवी और ठोस सबूतों के आधार पर न्यायालय ने वर्ष 2013 में हुई हत्या के मामले में छह आरोपियों को आजीवन कारावास और भारी अर्थदंड की सजा सुनाई है।
Shamli News: षड्यंत्र रचकर अवैध हथियारों से अंजुल की हत्या
मामला ग्राम लिलौन का है, जहां अंजुल कुमार की हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में 26 फरवरी 2017 को मृतक के भाई संजीव कुमार पुत्र हरवीर सिंह ने कोतवाली शामली में तहरीर दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अभियुक्त वीरेन्द्र, अमित, संदीप उर्फ छोटा, शकुन्तला देवी, डिंपल और अंजू उर्फ बॉबी ने षड्यंत्र रचकर अवैध हथियारों से अंजुल की हत्या की थी।
मामले में कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा अपराध संख्या दर्ज कर सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा था। अभियोग धारा 147, 148, 149, 302, 506, 120बी आईपीसी के तहत पंजीकृत किया गया था। लगातार सशक्त पैरवी और पुलिस-प्रशासन की सक्रियता के चलते, 31 अक्टूबर 2025 को एडीजे/एफटीसी-1 मुजफ्फरनगर की अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने अभियुक्त अमित, शकुन्तला, डिंपल, अंजू और वीरेन्द्र को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व ₹50,000-₹50,000 अर्थदंड से दंडित किया। इसके अतिरिक्त—
- धारा 147/149: 1 वर्ष कारावास व ₹5,000 अर्थदंड
- धारा 148/149: 2 वर्ष कारावास व ₹5,000 अर्थदंड
- धारा 506: 1 वर्ष कारावास व ₹5,000 अर्थदंड
- धारा 07 CLA अधिनियम: 2 माह का कारावास
वहीं, अभियुक्त संदीप उर्फ छोटा को धारा 302 में आजीवन कारावास व ₹50,000 अर्थदंड, धारा 25/27 शस्त्र अधिनियम में 3 वर्ष कारावास व ₹5,000 अर्थदंड सहित अन्य धाराओं में समान सजा दी गई।
दोषियों के नाम व पते —
- वीरेन्द्र पुत्र बाबूराम, ग्राम लिलौन, थाना कोतवाली शामली
- अमित पुत्र श्याम सिंह, ग्राम लिलौन, थाना कोतवाली शामली
- संदीप उर्फ छोटा पुत्र सीताराम, ग्राम लिलौन, थाना कोतवाली शामली
- श्रीमती शकुन्तला देवी पत्नी श्याम सिंह, ग्राम लिलौन, थाना कोतवाली शामली
- श्रीमती डिंपल पत्नी संदीप उर्फ छोटा, ग्राम लिलौन, थाना कोतवाली शामली
- अंजू उर्फ बॉबी पुत्र श्याम सिंह, ग्राम लिलौन, थाना कोतवाली शामली
यह फैसला शामली पुलिस की प्रभावी कार्रवाई और न्याय व्यवस्था की मजबूती का स्पष्ट उदाहरण है, जो अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाने की दिशा में एक सराहनीय उपलब्धि है।





