SIR In UP: उत्तर प्रदेश समेत देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया जारी है। इसी दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने गंभीर आरोप लगाया है कि स्नातक एमएलसी मतदाता सूची से उनका और उनके परिवार का नाम हटा दिया गया है।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने जताई आपत्ति
सपा एमएलसी के आरोपों के बाद पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार (5 दिसंबर 2025) को वाराणसी के जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचा। पार्टी नेताओं ने अधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह साजिश के तहत की गई प्रतीत होती है। बताया जा रहा है कि 3 दिसंबर को मतदाता सूची का प्रकाशन हुआ। इसी के बाद एबीपी लाइव से बातचीत में एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने दावा किया कि न केवल उनका बल्कि उनके पूरे परिवार का नाम स्नातक एमएलसी मतदाता सूची में शामिल नहीं है।
फॉर्म जमा करने के प्रमाण मौजूद—सिन्हा
सिन्हा का कहना है कि यह घटना विभागीय स्तर पर गंभीर लापरवाही और चूक को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मिलकर इस मामले की जांच कर दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। एमएलसी ने कहा कि स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए उन्होंने बड़ी संख्या में मतदाताओं के फॉर्म भरकर जमा कराए थे और उनकी रसीदें भी उनके पास मौजूद हैं। ऐसे में स्वयं उनका और उनके परिवार का नाम सूची में न होना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। गौरतलब है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान विपक्ष पहले भी कई तरह की अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोप लगा चुका है।





