SIR Process: देशभर में भारत निर्वाचन आयोग नेमतदान व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू की है। यह प्रक्रिया 4 नवम्बर से शुरू होकर 4 दिसम्बर तक चलेगी। बिहार के बाद इसे एसआईआर का दूसरा चरण माना जा रहा है। अब यह यह प्रक्रिया यूपी बंगाल समेत 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में की जाएगी। बिहार में हाल ही में पूर्ण हुए SIR के पहले चरण के बाद अब आयोग इसे दूसरे चरण के रूप में लागू कर दिया है। आयोग का मानना है कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी बनाया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह विशेष पुनरीक्षण SIR Process 20 साल बाद हो रहा है। इससे पहले भी 1951 से 2004 के बीच कुल 8 बार एसआईआर की प्रक्रिया की जा चुकी है। अब इस अभियान के तहत सभी योग्य मतदाताओं को ही सूची में शामिल किया जाएगा और मतदाता सूची से उन सभी नामों को हटाया जाएगा जो गलत तरीके से दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी योग्य मतदाता छूटे नहीं और कोई गलत और अयोग्य नाम सूची में शामिल न रहे।
SIR Process क्या है? आसान भाषा में समझें
भारत निर्वाचन आयोग ने देशभर में मतदाता सूची की Special Intensive Revision (SIR Process) का दूसरा चरण शुरू कर दिया है।
इसका मकसद है—
✔ मतदाता सूची की सफाई
✔ डुप्लीकेट हटाना
✔ गलत नाम हटाना
✔ नए योग्य मतदाताओं को जोड़ना
यह प्रक्रिया 20 साल बाद दोबारा की जा रही है। इससे पहले 2002–2004 में यह काम हुआ था।
दूसरे चरण में कहाँ-कहाँ हो रहा है SIR Process?
चुनाव आयोग 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR कर रहा है:
- अंडमान और निकोबार
- गोवा
- मध्य प्रदेश
- उत्तर प्रदेश
- राजस्थान
- पश्चिम बंगाल
- पुडुचेरी
- छत्तीसगढ़
- गुजरात
- केरल
- तमिलनाडु
- लक्षद्वीप
SIR Process कैसे चलाया जाएगा? स्टेप-बाय-स्टेप
यह सामान्य मतदाता सूची संशोधन से अधिक विस्तृत प्रक्रिया है।
🔹 1. BLO घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे
- ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) हर मतदाता तक पहुंचेंगे
- Enumeration Form भरवाया जाएगा
- हर मतदाता से 3 बार संपर्क करने का नियम
🔹 2. पुराने रिकॉर्ड से मिलान
- 2002–2004 के SIR रिकॉर्ड
- पुरानी लिस्ट के नाम, रिश्तेदारों और पते की तुलना
- गलत एंट्री या डुप्लीकेट को चिन्हित किया जाएगा
🔹 3. ऑनलाइन अपडेट की सुविधा
यदि मतदाता घर पर उपलब्ध नहीं है, तो स्वयं ऑनलाइन विवरण अपडेट कर सकता है।
कौन-कौन होंगे SIR Process में शामिल?
🔹 BLO (Booth Level Officer)
- लगभग 1,000 मतदाताओं पर एक BLO
- घर-घर जाकर फॉर्म भरवाने की जिम्मेदारी
🔹 ERO (Electoral Registration Officer)
- आमतौर पर SDM स्तर का अधिकारी
- प्रारूप सूची तैयार करता है
- दावे-आपत्तियों पर निर्णय लेता है
- अंतिम सूची प्रकाशित करता है
🔹 AERO (Assistant ERO)
- तहसील स्तर के अधिकारी
- ERO के निर्णय पर पहली अपील — जिलाधिकारी
- दूसरी अपील — राज्य/UT के CEO के पास
SIR Process के लिए जरूरी दस्तावेज (मान्य Documents)
चुनाव आयोग ने 12 दस्तावेजों की सूची जारी की है, जिनमें शामिल हैं:
- सरकारी पहचान पत्र / पेंशन आदेश
- 1987 से पहले जारी बैंक/पोस्ट/LIC डॉक्यूमेंट
- जन्म प्रमाणपत्र
- पासपोर्ट
- बोर्ड/विश्वविद्यालय की शैक्षिक प्रमाणपत्र
- स्थायी निवास प्रमाणपत्र
- वन अधिकार दस्तावेज
- OBC/SC/ST जाति प्रमाणपत्र
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर
- परिवार रजिस्टर
- भूमि/मकान आवंटन प्रमाणपत्र
- आधार कार्ड (ECI दिशानिर्देशों के अनुसार)
SIR क्यों जरूरी है?
बीते 21 साल में मतदाता सूची में कई समस्याएं आईं—
✔ गलत नाम
✔ मृत मतदाताओं की एंट्री
✔ डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन
✔ पलायन के कारण गलत पते
✔ विदेशी नागरिकों के नाम
यह सब चुनाव की विश्वसनीयता को कमजोर करते हैं।
SIR से—
➡ फर्जी वोटिंग रुकेगी
➡ डुप्लीकेट एंट्री हटेगी
➡ हर योग्य मतदाता का नाम शामिल होगा
नागरिकों और BLO की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
मतदाताओं को करना होगा:
- ड्राफ्ट सूची में नाम जांचना
- त्रुटियां सुधारने के लिए फॉर्म भरना
- सही दस्तावेज लगाना
- BLO के काम में सहयोग देना
चुनाव आयोग ने कहा—
“SIR तभी सफल होगा जब नागरिक सक्रिय रूप से भाग लेंगे।”





