सूर्य ग्रहण: इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 15 अक्टूबर से हो रही है। नवरात्रि के शुरू होने से ठीक पहले आज 14 अक्टूबर को इस वर्ष की आखिरी शनि अमावस्या है। पितृ अमावस्या पर इस बार सूर्य ग्रहण का संयोग भी बन रहा है।
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Bekhabar.in से विशेष बातचीत में प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य पंडित प्रेम प्रकाश ने बताया कि आज 14 अक्टूबर को साल की आखिरी शनि अमावस्या होगी। और साथ ही सूर्य के ग्रहण को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताई।
14 अक्टूबर को होगी शानि अमावस्या
हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार अमावस का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है इसे विभिन्न पूजा पाठ और श्रद्धा की रचनाओं के लिए बहुत ही उपयुक्त माना गया है क्योंकि उसी दिन अंतिम श्राद्ध भी रहेगा। इस तिथि को कालसर्प दोष दूर करने के लिए अच्छा माना जाता है। 14 अक्टूबर को आखिरी शनि अमावस्या होगी।
भारत में दिखाई नहीं देगा सूर्य ग्रहण
शनि अमावस का मुहूर्त 13 अक्टूबर को रात्रि 9:50 पर शुरू होगा और 14 अक्टूबर को 11:24 पर समाप्त हो जायेगा। सर्वप्रथम तो अमावस पर सूर्य ग्रहण का संयोग रहेगा और अहम जानकारी ये है कि यह ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। मगर विदेश में यह सूर्य ग्रहण जरूर दिखाई पड़ेगा और इस बार पितृ अमावस्या पर लगने जा रहा ग्रहण 14 अक्टूबर को शनिवार है। यह सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार 14 अक्टूबर की रात 8:34 मिनट पर शुरू होगा और यह देर रात 2:25 तक रहेगा।
सबसे बड़ी बात ये है कि अमावस पर सूर्य ग्रहण का लगना किसी संयोग से कम नहीं है। वैसे भी इसे एक ज्योतिषी घटना भी माना जा रहा है हालांकि इस साल यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ना ही इसका ज्यादा असर पड़ेगा लेकिन फिर भी सनातन मान्यताओं के अनुसार ग्रहण पर बरती जाने वाली सावधानियों का ध्यान रखें।





