मुजफ्फरनगर : जिले में रविवार को एक ऐसी घटना देखने को मिली, जब प्रदूषण और निर्माणाधीन न्यूमैक्स सिटी की जांच की मांग को लेकर मेरठ कॉलेज का बीए प्रथम वर्ष का छात्र अजय पंडित मोबाइल टावर पर चढ़ गया। लगभग दो घंटे 50 मिनट तक चले इस नाटकीय विरोध ने प्रशासन और पुलिस विभाग को पूरी तरह सतर्क कर दिया। अजय पंडित भारतीय किसान यूनियन से जुड़ा सक्रिय कार्यकर्ता भी है।
मांगों वाला बैनर लगाकर टावर पर बैठा छात्र
थाना सिविल लाइंस क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी निवासी 21 वर्षीय अजय पंडित रविवार सुबह करीब 11:30 बजे एक बैनर लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचा। उसने पहले विरोध से जुड़ा अपना वीडियो बनवाया, जिसमें कहा कि औद्योगिक इकाइयों में जलाए जा रहे कचरे के कारण गांवों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साथ ही दिल्ली से आने वाले कचरा ढोने वाले ट्रकों और प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर ठोस कार्रवाई की मांग उठाई। अजय ने यह भी आरोप लगाया कि मंसूरपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन न्यूमैक्स सिटी में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है, जिसकी जांच आवश्यक है। इसके बाद वह स्टेशन परिसर में स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया और वहीं धरने पर बैठ गया।
प्रशासन की समझाइश बेअसर, भाकियू नेता ने मनाया
घटना की सूचना मिलते ही नई मंडी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा, आरपीएफ इंस्पेक्टर विनीत कुमार और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्र को नीचे उतरने के लिए समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़ा रहा। उसने साफ कहा कि जब तक प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों और कचरा ढोने वाले ट्रकों पर कार्रवाई नहीं होती, वह नीचे नहीं आएगा। अजय ने नगर मजिस्ट्रेट को बुलाने की भी मांग की। नायब तहसीलदार अमित कुमार पहुंचे, लेकिन स्थिति तब संभली जब भारतीय किसान यूनियन के नेता शक्ति सिंह मौके पर पहुंचे और बातचीत कर छात्र को नीचे उतरने के लिए राजी किया। करीब ढाई बजे अजय पंडित टावर से नीचे उतरा। उसने कहा कि प्रदूषण एक गंभीर समस्या है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्र पर मुकदमा दर्ज, 17 दिसंबर को पेशी
आरपीएफ इंस्पेक्टर विनीत कुमार के अनुसार, छात्र के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 145 और 147 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसे 17 दिसंबर को न्यायालय में पेश होना है। वहीं अजय पंडित द्वारा लगाए गए बैनर में मुख्य रूप से निम्न मांगें लिखी थीं— योगी सरकार से अनुरोध कि न्यूमैक्स सिटी की जांच कराई जाए, क्योंकि 71 पेज की शिकायत देने के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। औद्योगिक इकाइयों में कूड़ा-कचरा जलाना बंद कराया जाए। चांदपुर, मखियाली, भंडूरा, भिक्की, निराना, जड़ौदा, बेगराजपुर, बोपाड़ा, सिखरेड़ा सहित कई गांवों में कैंसर के बढ़ते मामलों की जांच हो।





