Saturday, March 21, 2026

Earthquake: क्यों आते हैं भूकंप और कैसे मापी जाती है तीव्रता? यहां मिलेगी पूरी जानकारी

Earthquake: आज यानी 3 अक्टूबर की दोपहर को दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र नेपाल रहा जहां 10 किमी की गहराई पर 4.6 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप के झटके करीब 1 मिनट तक महसूस किए गए।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने कहा कि भूकंप का केंद्र नेपाल में 29.39 डिग्री उत्तर अक्षांश पर और 81.23 डिग्री पूर्व देशांतर पर स्थित था। भूकंप राजधानी नई दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों समेत भारत के कुछ हिस्सों में भी महसूस किया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि भूकंप आते क्यों है और इसकी तीव्रता कैसे मापी जाती है?

भूकंप क्यों आते हैं ?(Earthquake)

अगर आसान भाषा में समझा जाए तो जमीन के कांपने को भूकंप कहा जाता है। जब धरती के अंदर 7 प्लेट्स होती हैं कि ये प्लेटें लगातार घूमती रहती हैं और जब वे एक-दूसरे से टकराते हैं या स्लाइड करती हैं, तो ऊर्जा उत्पन्न होती है। ये ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में दौड़ती है, जो पृथ्वी की सतह पर कंपन का कारण बनती हैं।

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कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता?(Earthquake)

भूकंप विज्ञान केंद्रों के लिए भूकंप की तीव्रता और समय का पता लगाना बेहद जरूरी है। इसके लिए वे सिस्मोग्राफ नाम की एक डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं। आपको बता दें कि सिस्मोग्राफ एक ऐसा डिवाइस है जो भूकंप के दौरान जमीन के कंपन को रिकॉर्ड करता है। इस रिकॉर्ड को सिस्मोग्राम कहते हैं। सिस्मोग्राफ के जरिए भूकंप की गति और समय का आसानी से पता लगाया जा सकता है।

दरअसल रिक्टर स्केल एक ऐसा पैमाना है जिससे भूकंप की तरंगों की तीव्रता को मापा जाता है। दूसरी भाषा में इसे रिएक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल भी कहा जाता है। इस हिसाब से रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता को 1 से 10 के बीच मापा जाता है। 1 से 2 तीव्रता के भूकंप को हल्का भूकंप कहा जाता है जबकि 10 तीव्रता का भूकंप एक बहुत ही शक्तिशाली भूकंप होता है।

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