भारत में आवासीय-रियल एस्टेट सेक्टर में एक नया अलार्म बज रहा है।
जैसे-जैसे 2025 के पहले नौ महीने पूरे हुए हैं, शीर्ष सात महानगरों में घरों की बिक्री संख्या में लगभग 12 % की गिरावट देखने को मिली है। Hindustan Times
विश्लेषकों के अनुसार इस गिरावट के कई कारण हैं — उनमे शामिल हैं:
- बढ़ती संपत्ति की कीमतें
- वर्षा-मौसम की अनिश्चितता
- त्योहार-पहले सुस्ती का माहौल
- दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में विशेष रूप से बिक्री में 29 % तक की कमी। Hindustan Times
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दो शहरों — पुणे और चेन्नई — ने इस रुझान को तोड़ते हुए क्रमशः 14 % और 13 % की वृद्धि दर्ज की है। Hindustan Times
इसका मतलब सिर्फ इतना नहीं कि लोग घर नहीं ले रहे, बल्कि संकेत हैं कि–
- निवेशक अब सोच-विचार कर निर्णय ले रहे हैं
- रियल एस्टेट डेवलपर्स को नए मार्केटिंग स्ट्रैटेजी अपनानी पड़ रहीं हैं
- उपभोक्ताओं के लिए अच्छे सौदे मिलने की संभावना बढ़ रही है
इसका असर क्या हो सकता है?
ग्राम-शहरी क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग धीमी पड़ सकती है, फाइनेंसिंग-ऋण की शर्तें कड़ी हो सकती हैं और उपभोक्ताओं को लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट सोच-समझ कर करना होगा।





