Tuesday, September 22, 2026

शामली में मस्जिद के इमाम पर FIR, कारण और नियम जान लीजिएगा तो आप पर नहीं रहेगा पुलिस केस का खतरा

शामली (उत्तर प्रदेश): यूपी के शामली जिले के घुमथल गांव में मस्जिद के इमाम पर तय सीमा से अधिक ध्वनि में लाउडस्पीकर बजाने के आरोप में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, गांव के कई निवासियों ने मस्जिद से आ रही लाउडस्पीकर की तेज आवाज को लेकर शिकायत की थी। बताया गया कि यह पहली शिकायत नहीं थी — पहले भी इमाम को ध्वनि स्तर नियंत्रित रखने की कई बार सलाह और चेतावनी दी जा चुकी थी।

गश्त के दौरान पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि टीम जब नियमित गश्त पर थी, तभी मस्जिद से निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजता पाया गया। मामले में इमाम रफीक खान को पहले भी चेताया गया था, लेकिन जब बार-बार समझाने के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ, तो पुलिस ने स्वयं शिकायत दर्ज कराई और कानूनी कार्रवाई शुरू की। गांव में लाउडस्पीकर की तेज आवाज को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। स्थानीय लोगों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने कई बार मौके पर जाकर इमाम को सावधान किया, लेकिन स्थिति में बदलाव न आने पर अब एफआईआर दर्ज की गई है।

क्या कहते हैं सुप्रीम कोर्ट के नियम

साल 2000 में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए थे —

  • आवासीय क्षेत्र में दिन के समय अधिकतम ध्वनि सीमा 55 डेसीबल (dB) और रात में 45 डेसीबल (dB) रखी गई है।
  • व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अलग मानक लागू हैं।
  • रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का इस्तेमाल सामान्यतः प्रतिबंधित है।
  • लाउडस्पीकर लगाने के लिए प्रशासन से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है, और यदि कई स्रोतों से ध्वनि उत्पन्न हो रही हो, तो उसका कुल स्तर भी निर्धारित सीमा के भीतर होना चाहिए।

नियम तोड़ने पर कार्रवाई तय

ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत निर्धारित सीमा का उल्लंघन करने पर पुलिस धारा 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना) और धारा 268 (सार्वजनिक उपद्रव) के तहत कार्रवाई कर सकती है। इसलिए किसी भी धार्मिक स्थल या आयोजन में लाउडस्पीकर चलाने से पहले नियमों की जानकारी रखना और अनुमति लेना आवश्यक है।

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