Garh Ganga Mela 2025: हापुड़ जनपद में गढ़मुक्तेश्वर के खादर क्षेत्र में गंगा किनारे लगने वाले ऐतिहासिक मेले का इस बार स्थान बदलेगा। गंगा के कटाव के कारण मेले का अधिकांश भाग मेरठ जिले की सीमा में स्थानांतरित हो सकता है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण मैदानी भाग में पानी भरा है। प्रशासन लगातार स्थिति का जायजा लेकर रणनीति बना रहा है।
Garh Ganga Mela 2025 से कुछ महीनों पहले आई बाढ़ के कारण गंगा का कटान होने से स्थिति बदल गई है। इस बार मेले को पक्की मिट्टी वाले स्थान पर लगाने की तैयारी है। गंगा के रेती पर लगने वाले मेले को इस बार पक्की मिट्टी पर ही लगाया जाएगा। ऐसे में मेले का आधे से ज्यादा हिस्सा मेरठ जिले की सीमा में पहुंच सकता है।
खादर क्षेत्र के लोगों ने बताया कि बाढ़ तो हर साल आती है, लेकिन इतना ज्यादा कटान 1952 के बाद पहली बार हुआ है। अभी भी गंगा के जल का प्रवाह बहुत तेज है। गंगा लगभग एक से डेढ़ किमी का कटान कर चुकी है। और अभी भी कटान जारी है।





