उत्तर प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र सिंह तोमर और उनकी पत्नी अंजलि तोमर एक नए विवाद में घिर गए हैं।
“आज़ाद अधिकार सेना” के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की CBI या ED जांच की मांग की है।
5 साल में संपत्ति में 2 करोड़ से अधिक का इज़ाफ़ा
पत्र के अनुसार,
- 2017 के चुनावी हलफनामे में सोमेंद्र तोमर की वार्षिक आय ₹3.6 लाख और उनकी पत्नी की ₹4.6 लाख थी।
- लेकिन 2022 में उनकी संयुक्त आय बढ़कर ₹72 लाख हो गई।
- इसी अवधि में उनकी कुल संपत्ति में ₹2.13 करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
ट्रस्ट के नाम पर 10 करोड़ की जमीनें खरीदीं
अमिताभ ठाकुर ने दावा किया है कि “शांति निकेतन ट्रस्ट”, जिसके अध्यक्ष खुद सोमेंद्र तोमर हैं, ने
23 जनवरी 2023 से 17 अप्रैल 2025 के बीच 24 प्लॉट खरीदे — जिनकी कुल कीमत करीब ₹10.5 करोड़ बताई गई है।
इनमें से 9 जमीनें अनुसूचित जाति (SC पट्टा) की बताई जा रही हैं, जिन्हें आम नागरिकों द्वारा खरीदना कानूनन कठिन है।
लेकिन यह जमीनें ट्रस्ट के नाम पर आसानी से रजिस्ट्री कराई गईं।
काले धन के इस्तेमाल का आरोप
पत्र में कहा गया है कि इतनी बड़ी रकम का स्रोत स्पष्ट नहीं है।
आरोप लगाया गया है कि इन खरीदों में काले धन का प्रयोग किया गया हो सकता है।
इसलिए इस मामले की CBI या ED जांच आवश्यक है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
संगठन ने दी चेतावनी
“आज़ाद अधिकार सेना” ने कहा है कि यदि एक महीने के भीतर इस मामले में कार्रवाई नहीं होती,
तो वे इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाने के लिए बाध्य होंगे।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला यदि सच साबित हुआ,
तो यह योगी सरकार की छवि पर सीधा असर डाल सकता है।
साथ ही, यह सत्ता और ट्रस्ट के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करता है।


ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर पर लगे ये आरोप गंभीर हैं।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पर क्या कदम उठाते हैं —
क्या होगी जांच, या यह मामला भी राजनीतिक धुंध में खो जाएगा?





