Wednesday, May 6, 2026

मुजफ्फरनगर में चौंकाने वाला मामला: रक्तदान शिविर के दौरान तीन साल के मासूम समेत पूरा परिवार निकला एचआईवी संक्रमित

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एचआईवी संक्रमण का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले में एक बच्चे सहित परिवार के तीन सदस्य एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक व्यक्ति ने रक्तदान किया और जांच में उसका खून एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसकी पत्नी और तीन वर्षीय बेटे की भी जांच कराई, जिनमें दोनों में संक्रमण की पुष्टि हुई। फिलहाल तीनों का उपचार जिला अस्पताल स्थित एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर में चल रहा है।

मुजफ्फरनगर में नवजात शिशु ने छह दिन में तोड़ा दम

वहीं, एक अन्य एचआईवी संक्रमित दंपती के नवजात बच्चे की मौत हो गई है। जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर में पंजीकृत एक संक्रमित महिला को प्रसव के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजा गया था, जहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया। जन्म के कुछ समय बाद ही बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज की नर्सरी में भर्ती कराया गया, लेकिन छह दिन के उपचार के बाद उसने दम तोड़ दिया। परिवार के अनुसार, चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की सांस की नली में दिक्कत के कारण उसकी मृत्यु हुई।

जिले में अब तक 3500 से अधिक मरीज

जिला अस्पताल में वर्ष 2004 में एआरटी सेंटर की स्थापना की गई थी। तब से लेकर अब तक 3500 से अधिक एचआईवी पॉजिटिव मरीजों का पंजीकरण कर उपचार शुरू किया जा चुका है।

संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सतर्कता

जिला अस्पताल एआरटी सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. मुजीबुर्रहमान ने बताया कि एचआईवी संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को अधिक जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। संक्रमण की पुष्टि होने पर मरीज को तुरंत एआरटी सेंटर में पंजीकरण कराकर नियमित उपचार लेना चाहिए।

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