Tuesday, March 24, 2026

Yamuna River Foam Pollution: दिल्ली में हर साल यमुना में क्यों बनता है झाग, किस टेक्नोलॉजी से इसे किया जाएगा खत्म?

Yamuna River Foam Pollution: देश की राजधानी दिल्ली में हर साल की तरह इस बार भी यमुना नदी के किनारे छठ पर्व की तैयारियां पूरी जोरों-शोरों से चल रही हैं। इस वर्ष छठ का पर्व 25 अक्टूबर यानी कल मनाया जाएगा। छठ के साथ ही यमुना नदी का ध्यान भी लोगों की ज़ुबान पर आ जाता है। लेकिन, हर साल यमुना में सफेद झाग का देखना इस पर्व की रौनक को कुछ कम कर देता है।

हालांकि, इस बार दिल्ली सरकार ने यमुना में झाग की समस्या को दूर करने के लिए कई नई योजनाएं शुरू की हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि दिल्ली में हर साल यमुना में झाग क्यों बनता है और किस तकनीक की मदद से इसे समाप्त किया जाएगा।

हर साल यमुना में क्यों बनता है झाग (Yamuna River Foam Pollution)

विशेषज्ञों के अनुसार, यमुना में झाग बनने का प्रमुख कारण फैक्ट्रियों से निकलने वाला कचरा, सीवेज वॉटर और डिटर्जेंट हैं। दिल्ली और नोएडा के आसपास कई फैक्ट्रियों का रासायनिक अपशिष्ट सीधे यमुना में मिल जाता है, जबकि शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गंदा पानी भी बिना किसी फिल्टर के नदी में गिरता है। इस वजह से यमुना का पानी जहरीला हो जाता है और इसमें रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण झाग बनता है। दिल्ली के घाटों पर पानी का बहाव धीमा होने के कारण यह झाग किनारों पर जम जाता है, जिससे यह छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए और भी खतरनाक हो जाता है। (Yamuna River Foam Pollution)

ऐसे खत्म किया जाएगा यमुना का झाग

इस बार दिल्ली सरकार ने यमुना नदी को झाग मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए एक विशेष योजना शुरू की है। इस योजना के तहत ओखला बैराज पर स्थिर और मोबाइल स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे, जो एंटी-फोम एजेंट्स का उपयोग करके झाग को समाप्त करेंगे। साथ ही, फोम अरेस्‍टर की मदद से पानी में मौजूद झाग को अलग किया जाएगा। नदी में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गोताखोर और पावर बोट भी तैनात किए जाएंगे। (Yamuna River Foam Pollution)

फिनलैंड से मंगवाई झाग खत्म करने के लिए ड्रेजिंग मशीन

छठ पूजा से पहले यमुना नदी की तलहटी में जमा गाद हटाने के लिए दिल्ली सरकार ने फिनलैंड से अत्याधुनिक ड्रेजिंग मशीन वॉटर मास्टर क्लासिक 4 खरीदी है। यह मशीन नदी की तलहटी से 6 मीटर तक गाद, जलकुंभी और ठोस अपशिष्ट निकालने में सक्षम है। इसकी क्षमता हर घंटे 600 घन मीटर गाद निकालने की है। इसके अलावा, नदी से निकाला गया कचरा पाइप के माध्यम से डेढ़ किलोमीटर दूर सूखी जमीन पर डाला जा सकता है। इस मशीन का उपयोग पूरे साल और किसी भी मौसम में किया जा सकता है। (Yamuna River Foam Pollution)

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